WHO Health Campaign के अनुसार वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने 7 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर वैश्विक पहल की शुरुआत की है। यह अभियान WHO मुख्यालय और दुनिया भर में आयोजित कार्यक्रम के जरिए लॉन्च किया गया है। जिसमें वैज्ञानिक समुदाय सरकार और हेल्थ की इंस्टिट्यूट शामिल है। इसका प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य की नीतियों में विज्ञान आधारित फसलों को बढ़ावा देना है।

Science पर जोर, WHO Health Campaign का संदेश
WHO Health Campaign का थीम टुगेदर फॉर हेल्थ स्टैंड की साइंस रखा गया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के बयान में बताया गया है कि इस बार स्वास्थ्य के संकट से निपटने के लिए साइंटिफिक तथ्यों पर आधारित फैसले को लेना जरूरी बताया गया है। COVID-19 के बाद पहले गलत जानकारी के बीच वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने स्पष्ट बताया कि पब्लिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने के लिए विज्ञान पर विश्वास जरूरी है। यह अभियान पूरे साल तक चलने वाले एक विश्व लेवल का प्रयास है।
ये भी पढ़े : Belly Fat Control के लिए Exercise क्यों है जरूरी, जानिए असली कारण
One Health Approach को मिलेगा बढ़ावा
इस बार WHO Health Campaign में “One Health” अप्रोच को प्राथमिकता दी जा रही है जिसके अनुसार इंसान, जानवर और पर्यावरण के स्वास्थ्य को एक दूसरे से जुड़ा हुआ माना गया है। जानकारी के मुताबिक जूनोटिक डिजीज फूड सेफ्टी और क्लाइमेट चेंज जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग तैयार किया गया है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का मानना है कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए बहुत क्षेत्रीय सहयोग जरूरी होता है।
Global Events में वैज्ञानिकों की भागीदारी क्या है
इस अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय लेवल पर कई सारे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं इनमें इंटरनेशनल वन हेल्थ सबमिट और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन कोलैबोरेटिंग सेक्टर का ग्लोबल फोरम मुख्य है। जानकारी के अनुसार इन आयोजन में 80 से अधिक देशों के सैकड़ो वैज्ञानिक संस्थान शामिल है यह नेटवर्क वैश्विक लेवल पर रिसर्च और हेल्थ पॉलिसी को जोड़ने का कोशिश बताया जा रहा है।
Misinformation से निपटने की हैं प्लानिंग
WHO Health Campaign का एक जरूरी पहलू मिस इनफॉरमेशन को रोकना है यानी गलत जानकारी को फैलने से रोकना। World health organisation के अनुसार सोशल मीडिया पर पहले गलत जानकारियां पब्लिक के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है इसी कारण संगठन ने साइंस एलईडी कम्युनिकेशन और अवेयरनेस पर विशेष जोर दिया है ताकि लोगों का भरोसा वैज्ञानिक संस्थान पर बना रहे।
ये भी पढ़े: LPG Supply का मिल गया मोदी govt को हल, 5 kg सिलेंडर सप्लाई में बढ़ोतरी हुई
भविष्य की स्वास्थ्य नीति पर क्या है असर
यह अभियान आने वाले समय में वैश्विक स्वास्थ्य नीति को प्रभावित करने वाला है वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने संकेत दिया है कि भविष्य की पॉलिसी और निवेश साइंस बेस्ड अप्रोच पर ही आधारित होने वाले हैं। आधिकारिक बयान में बताया गया है की महामारी जलवायु संकट और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी चुनौतियों से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बहुत जरूरी है।




