बिना सिगरेट पिए ही फेफड़े हो रहे खराब, तेलंगाना में बढ़ा Cancer का खतरा..

Cancer risk rises in Telangana, 6 out of 10 patients are women

तेलंगाना में पिछले कुछ सालों से इलाज करने वाले मरीजों में कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ सालों से इलाज करने वाली मरीजों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी ज्यादा देखी गईहै। डॉक्टर के अनुसार Cancer जैसी बड़ी बीमारी के लिए जागरूकता की कमी और समय पर जांच ना होना जिम्मेदार कारक होते हैं।

महिलाओं में सबसे ज्यादा दिखे मामले

प्राप्त स्रोतों की जानकारी के अनुसार अप्रैल 2020 से लेकर सितंबर 2025 के बीच तेलंगाना राज्य में करीब 100000 कैंसर के पेशेंट थे। इनमें लगभग 60% महिलाएं ही थी डॉक्टर के अनुसार महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर के मामले देखे जा रहे हैं। 39 से 48 वर्ष की आयु की महिलाओं में ये बीमारी तेजी से बढ़ती देखी जा रही है। डॉक्टर मानते हैं की बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, खराब खानपान और नियमित जांच की कमी इसके कारण हो सकते हैं।

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Screening की कमी बनी हुई है Cancer के लिए बड़ी चिंता

डॉक्टर की जानकारी में सबसे गंभीर पहलू कैंसर स्क्रीनिंग को लेकर बताया गया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 30 से 49 वर्ष की आयु की बहुत कम महिलाओं ने नियमित जांच कराई है। ब्रेस्ट कैंसर के स्क्रीनिंग का प्रतिशत बेहद कम पाया गया है जबकि सर्वाइकल कैंसर की जांच की सीमित लेवल पर हुई है। डॉक्टर का मानना है कि शुरुआती स्टेट में बीमारी का पता लगने पर इलाज करना बहुत ही आसान और सफल हो जाता है।

कुछ जिलों में ज्यादा मिले हैं Cancer केस

तेलंगाना की कुछ जिलों में कैंसर के मामले अपेक्षा से ज्यादा मिले हैं तेलंगाना के हरामखोंडा और हैदराबाद जैसे शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा कैंसर के मामले देखने को मिले हैं। बड़े शहरों में बेहतर मेडिकल सुविधाएं और जांच केंद्र होने के कारण मामलों की पहचान भी ज्यादा हो रही है। इसके अलावा प्रदूषण तंबाकू के सेवन असंतुलित जीवन शैली को भी कैंसर बढ़ाने के कारण माने जा रहे हैं पुरुषों में खास तौर पर सिर और गले में कैंसर और तंबाकू से जुड़े कैंसर के मामले देखने को मिलेहैं।

Cancer के लिए सरकार ने शुरू किए कई स्वास्थ्य कार्यक्रम

तेलंगाना राज्य सरकार ने कैंसर के पेशेंट के इलाज और जांच सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई सारे कदम उठाने के बारे में बात की है। सरकारी अस्पताल में कैंसर के लिए डे केयर सेंटर भी शुरू किया जा रहे हैं और महिलाओं के लिए विशेष हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान भी चलाए जाएंगे। इसके साथ-साथ एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम पर भी जोड़ दिया जा रहा है ताकि सर्वाइकल कैंसर के मामलों को ज्यादा से ज्यादा काम किया जा सके।

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अब जागरूकता और समय पर जांच जरूरी

डॉक्टर कैसा मानना है कि कैंसर से बचाव के लिए समय पर जांच संतुलित जीवन शैली और जागरूकता होना बहुत जरूरी है।

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