MP: भोपाल में आवारा कुत्तों की समस्या बनी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सख्त कार्रवाई की तैयारी

Supreme Court Stray Dogs Euthanasia Order: सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने आवारा श्वानों (Stray Dogs) को लेकर महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि यदि कोई कुत्ता खतरनाक या रेबीज से संक्रमित पाया जाता है, तो उसे इंजेक्शन देकर समाप्त (Euthanize) किया जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नवंबर 2025 में आवारा श्वानों के पुनर्वास और नसबंदी (Animal Birth Control) संबंधी दिए गए निर्देश ही प्रभावी रहेंगे।

Supreme Court Stray Dogs Euthanasia Order: राजधानी भोपाल में आवारा और आक्रामक कुत्तों (Stray Dogs) की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। शहर में कुत्तों के हमलों और रेबीज (Rabies) संक्रमण की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं, लेकिन नगर निगम की टीमें श्वान प्रेमियों के विरोध के डर से अक्सर कार्रवाई करने में हिचकिचाती रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

अब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के हालिया आदेश के बाद प्रशासन को सख्त कार्रवाई का रास्ता मिल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कुत्ता खतरनाक या रेबीज से संक्रमित पाया जाता है तो उसे इंजेक्शन देकर euthanize किया जा सकता है। अदालत ने नवंबर 2025 के पुनर्वास और नसबंदी (Animal Birth Control) निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है और इनका उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का निर्देश

न्यायालय ने यह भी कहा है कि सार्वजनिक स्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को दोबारा उसी इलाके में नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें शेल्टर होम (Shelter Homes) में रखा जाएगा।

सवा लाख से ज्यादा आवारा श्वान

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार भोपाल में वर्तमान में सवा लाख से अधिक आवारा कुत्ते (Stray Dog Population) हैं। इसके मुकाबले हर साल मात्र 20 से 25 हजार कुत्तों की ही नसबंदी हो पाती है। वर्ष 2024-25 में भोपाल नगर निगम ने 21,452 कुत्तों की नसबंदी और 26,427 कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण किया, जिस पर करीब 2.35 करोड़ रुपये खर्च हुए। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 23,363 कुत्तों की नसबंदी और 29,766 कुत्तों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिस पर 2.56 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है। इसके बावजूद शहर में कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

तीन ABC सेंटर सक्रिय

वर्तमान में भोपाल में तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC Centres) संचालित हो रहे हैं ‘कजलीखेड़ा, अरवलिया गोशाला और आदमपुर कचरा खंती क्षेत्र में’। प्रत्येक केंद्र की क्षमता लगभग 150 कुत्तों की है। नगर निगम की टीमें रोजाना शहर के विभिन्न इलाकों से 50 से 65 आवारा कुत्तों को पकड़कर इन केंद्रों पर नसबंदी और उपचार के लिए ले जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिंसक और संक्रमित आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण की कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है। नागरिक अब इस समस्या के स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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