सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड यानी BHEL मैं फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार फाइनेंशियल प्रदर्शन किया है। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 119 परसेंट से बढ़कर 820 पॉइंट 94 करोड रुपए तक पहुंच गयाहै। वही कंपनी का कुल इनकम लगभग 24% की बढ़ोतरी हासिल कर रहा है। 14 अक्टूबर 2026 को सामने आए इन रिजल्ट में मुनाफे के साथ कंपनी के प्रमुख बिजनेस से होने वाले इनकम में भी बढ़ोतरी देखने को मिलीहै।

BHEL के मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी हुई
इस साल सितंबर महीने को समाप्त तिमाही में BHEL कंपनी का शुद्ध मुनाफा 820 पॉइंट 94 करोड रुपए रहा है। पहले फाइनेंशियल ईयर की समान तिमाही में कंपनी ने 374 पॉइंट 89 करोड रुपए का मुनाफा हासिल किया था इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 119 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल हुई है। 1 साल के भीतर मुनाफे में आया हुआ यह बदलाव कंपनी के तिमाही के प्रदर्शन के सुधार को दिखाता है। हालांकि केवल एक तिमाही के रिजल्ट के आधार पर ही कंपनी के भविष्य का प्रदर्शन का अनुमान लगा लेना सही नहीं होता है।
ये भी पढ़े: Railway bonus: कर्मचारियों को ₹46184 या ₹17951? जानें कितना मिलेगा
कंपनी की कुल आय 9,553 करोड़ रुपये के पार हुई
BHEL कंपनी की कुल इनकम जुलाई से लेकर सितंबर महीने में बढ़कर 9553.001 करोड रुपए हो गई है। इस तरह कुल इनकम में सालाना आधार पर 24.3% की वृद्धि हुई है। कंपनी के पावर बिजनेस से 6637 पॉइंट 90 करोड रुपए की इनकम हुई है जबकि इंडस्ट्री बिजनेस से 262 पॉइंट 45 करोड़ मिले है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर की समान तिमाही में पावर बिजनेस से 5675.64 करोड रुपए और इंडस्ट्री बिजनेस से 1836.16 करोड रुपए की इनकम हुई थी। इन डाटा से पता चलता है कि दोनों ही प्रमुख बिजनेस क्षेत्र ने कंपनी की इनकम बढ़ाने में अपना एक अलग योगदान दिया है।
ये भी पढ़े: महँगाई से बचना है? ये 3 dividend शेयर दे सकते हैं नियमित कमाई का मौका
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये सभी नतीजे?
BHEL कंपनी बिजली उत्पादन ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल है। ऐसे में कंपनी के तिमाही रिजल्ट उसके बिजनेस की स्थिति को समझने में काफी मदद करते हैं। मुनाफा और इनकम में बढ़ोतरी होना एक पॉजिटिव संकेत होता है लेकिन निवेश करने वाले लोगों को कंपनी के नए ऑर्डर प्रोजेक्ट को पूरा करने की रफ्तार परिचालन मर्जीन और नगद प्रवाह पर भी और ध्यान देना चाहिए। समझना जरूरी है कि अच्छे फाइनेंशियल नतीजे आने से शेयेरों की कीमत बढ़ाने की गारंटी नहीं मिल जाती है।




