माफिया अतीक अहमद की मौतों के बाद भी उसकी अवैध संपत्तियों से फरार शाइस्ता और जैनब को पैसे पहुंचाए जा रहे हैं। प्रयागराज प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश।

माफिया अतीक अहमद

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के अंत के बाद भी उनका आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अतीक की अथाह अवैध संपत्ति और गुंडई के बल पर कब्जाई गई जमीनों का इस्तेमाल अब उसकी फरार पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब के खर्चे चलाने में किया जा रहा है। प्रयागराज के कसारी-मसारी और धूमनगंज इलाके से सामने आई रिपोर्ट ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं।

अतीक और अशरफ के करीबी रिश्तेदार और गैंग के बचे हुए गुर्गे सरकारी, नजूल और शत्रु संपत्तियों को अवैध तरीके से बेचकर उससे मिलने वाले करोड़ों रुपये फरार चल रहीं शाइस्ता और जैनब तक पहुंचा रहे हैं। मामला सामने आते ही एडीएम प्रशासन सत्यम मिश्र ने कड़ा संज्ञान लिया है और कई विभागों को जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कसारी-मसारी और धूमनगंज में अवैध प्लाटिंग का पूरा खेल

माफिया अतीक अहमद ने अपने प्रभाव के दौर में शहर के कसारी-मसारी इलाके में कई बीघा सरकारी और गैर-सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया था। कुछ जमीनें बेनामी संपत्ति के रूप में अपने रिश्तेदारों के नाम दर्ज कराई थीं तो कुछ शत्रु संपत्तियों पर जबरन कब्जा जमाया था।

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अतीक और अशरफ की मौत के बाद अब इन जमीनों को ठिकाने लगाने का काम उसके रिश्तेदारों ने संभाल लिया है:

  • कसारी-मसारी में सरकारी जमीन पर प्लाटिंग: कसारी-मसारी इलाके की एक प्रमुख सरकारी जमीन, जिसे अतीक ने अपने साले जकी अहमद के नाम पर खरीदा या दबाया था, उस पर अब धड़ल्ले से खरीद-बिक्री चल रही है। जकी अपने सहयोगियों इस्माइल और नबी अहमद के साथ मिलकर इस ज़मीन पर अवैध प्लाटिंग कर रहा है।
  • धूमनगंज (केसरिया) में 18 बिस्वा जमीन का सौदा: अशरफ ने धूमनगंज के केसरिया मेन रोड पर स्थित 18 बिस्वा जमीन अपने रिश्तेदारों के नाम कराई थी। इस जमीन को पुरामुफ्ती (हटवा) निवासी अशरफ का साला जैद मास्टर बेच रहा है। इस काम में उसका रिश्तेदार नायब अली और मो. अरशद सीधे तौर पर शामिल हैं।

फरार शाइस्ता परवीन और जैनब तक कैसे पहुंच रहा पैसा?

पुलिस जांच में प्राथमिक रूप से यह बात सामने आई है कि जो जमीनें बेची जा रही हैं, उनकी डील कैश (नकद) में की जा रही है ताकि बैंक ट्रांजेक्शन का कोई रिकॉर्ड न रहे। जमीनों की इस अवैध प्लाटिंग और बिक्री से मिलने वाली मोटी रकम का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर फरार चल रही शाइस्ता परवीन और जैनब के पास पहुंचाया जा रहा है।

अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही लगातार फरार है और उस पर पुलिस ने इनाम घोषित कर रखा है। वहीं अशरफ की पत्नी जैनब भी आपराधिक मामलों में वांछित चल रही है। इन दोनों को कानूनी लड़ाई लड़ने, फरारी काटने और दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए अतीक गैंग का यह आर्थिक ढांचा सहारा दे रहा है।

एडीएम प्रशासन का कड़ा रुख: 6 बड़े विभागों को जांच के निर्देश

माफिया की अवैध संपत्तियों की खरीद-बिक्री की शिकायतें लगातार कलेक्टरेट तक पहुंच रही थीं। इस गंभीर मामले को देखते हुए एडीएम प्रशासन सत्यम मिश्र ने तुरंत संज्ञान लिया और जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति के गठन का खाका तैयार किया है।

प्रशासन ने निम्नलिखित अधिकारियों और विभागों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं:

  • मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO)
  • एडीएम वित्त एवं राजस्व (ADM FR)
  • एडीएम नजूल (ADM Nazul)
  • प्रभारी अधिकारी सीलिंग (Urban & Rural Ceiling)
  • प्रभारी अधिकारी (शत्रु संपत्ति)
  • उप जिलाधिकारी (SDM) सदर

प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि इन विवादित जमीनों के नामांतरण (Mutation) पर तुरंत रोक लगाई जाए, अवैध निर्माणों को ढहाया जाए और इसमें शामिल सभी रिश्तेदारों व खरीदारों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जाए।

माफिया की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की प्रशासनिक रणनीति

प्रयागराज प्रशासन और पुलिस की यह संयुक्त रणनीति है कि माफिया गैंग को जड़ से उखाड़ने के लिए उनकी फाइनेंशियल सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए।

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  1. शत्रु संपत्तियों का अधिग्रहण: जिन शत्रु संपत्तियों पर माफिया ने कब्जा किया था, उन्हें केंद्र सरकार के कस्टोडियन विभाग के तहत पूरी तरह से सील किया जाएगा।
  2. बेनामी संपत्तियों की कुर्की: गैंगस्टर एक्ट के तहत अतीक के साले जकी अहमद, जैद मास्टर और उनके साथियों की संपत्तियों की पहचान कर उन्हें 14(1) के तहत कुर्क किया जाएगा।
  3. आम जनता को चेतावनी: प्रशासन ने आम नागरिकों को भी सचेत किया है कि माफिया के रिश्तेदारों द्वारा बेची जा रही जमीनों को न खरीदें, अन्यथा उनकी गाढ़ी कमाई डूब सकती है और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

  1. शाइस्ता परवीन और जैनब कौन हैं और वे क्यों फरार हैं?

    शाइस्ता परवीन माफिया अतीक अहमद की पत्नी है और जैनब अशरफ की पत्नी है। दोनों उमेश पाल हत्याकांड और अवैध संपत्तियों के लेन-देन के मामलों में आरोपी हैं। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लंबे समय से फरार चल रही हैं और उन पर इनाम घोषित है।

  2. कसारी-मसारी और धूमनगंज की जमीनों पर कौन प्लाटिंग कर रहा है?

    अतीक अहमद का साला जकी अहमद (सहयोगी इस्माइल और नबी अहमद के साथ) कसारी-मसारी में और अशरफ का साला जैद मास्टर (सहयोगी नायब अली और मो. अरशद के साथ) धूमनगंज के केसरिया स्थित 18 बिस्वा जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर रहे हैं।

  3. एडीएम प्रशासन सत्यम मिश्र ने इस मामले में क्या आदेश दिए हैं?

    एडीएम प्रशासन सत्यम मिश्र ने मुख्य राजस्व अधिकारी, एडीएम नजूल, एडीएम वित्त एवं राजस्व, सीलिंग और शत्रु संपत्ति प्रभारियों के साथ एसडीएम सदर को जांच के निर्देश दिए हैं। आदेश के तहत इन संपत्तियों की बिक्री रोकने, नामांतरण रद्द करने और आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

  4. क्या अतीक अहमद की बेची जा रही जमीनों में सरकारी जमीनें भी शामिल हैं?

    हां, अतीक अहमद ने अपने रसूख के दम पर सरकारी नजूल जमीनों, सीलिंग की जमीनों और शत्रु संपत्तियों पर कब्जा किया था। वर्तमान में उसके रिश्तेदार इन्हीं सरकारी और फर्जी तरीके से दर्ज कराई गई जमीनों को बेचकर अवैध धन उगाही कर रहे हैं।

  5. अगर कोई व्यक्ति अतीक के रिश्तेदारों से जमीन खरीदता है तो क्या होगा?

    प्रशासन ने साफ किया है कि माफिया या उसके रिश्तेदारों द्वारा बेची जा रही जमीनों की खरीद पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसी संपत्तियों को सरकार जब्त करेगी, उन पर हुए निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे और खरीदारों के खिलाफ भी अवैध लेनदेन की जांच हो सकती है।

प्रयागराज प्रशासन द्वारा माफिया अतीक अहमद के आर्थिक तंत्र पर किया जा रहा यह हमला यह स्पष्ट करता है कि अपराधियों के खात्मे के बाद भी उनकी अवैध कमाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जमीनों की इस अवैध बिक्री पर रोक लगने से फरार शाइस्ता परवीन और जैनब की आर्थिक घेराबंदी और मजबूत होगी।

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