रीवा के महात्मा गांधी मेमोरियल (जीएमएच) चिकित्सालय में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की हुई संदेहास्पद मौत के मामले में शासन के निर्देश पर मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया शनिवार को कलेक्ट्रेट में औपचारिक रूप से शुरू हो गई। जांच अधिकारी के समक्ष मृतका के पति अमित मिश्रा और उनके बड़े भाई सहित परिवार के चार अन्य सदस्यों ने अपने आधिकारिक बयान दर्ज कराए।
परिवार ने सौंपे इलाज से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज
सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार ने अस्पताल के इलाज से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अभिलेख, पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट्स और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज सबूत के तौर पर जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। परिवार ने इन साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने और जच्चा-बच्चा की मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा होने की गहरी उम्मीद जताई है।
24 सितंबर तक दर्ज किए जाएंगे बयान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस संवेदनशील और गंभीर मामले से जुड़े सभी पक्षों, गवाहों तथा संबंधित लोगों के बयान आगामी 24 सितंबर तक दर्ज किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच अधिकारी द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




