बालाघाट। बालाघाट के वन क्षेत्रों में बीमारी के चलते आदिवासी बच्चों की मौत राष्ट्रीय मुद्दा बनता नजर आ रहा है। शनिवार को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे। उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लिए है।
शासन-प्रशासन की है जिम्मेदारी
सीजेपी प्रमुख ने बालाघाट में मीडिया से बात किए। उन्होने कहा कि आदिवासी बच्चों की मौत का जिम्मेदार शासन-प्रशासन है। अगर आजादी के 80 वर्षो बाद भी समय पर टीका नही लग पा रहा है। दूर-दूर तक कोई स्वास्थ केन्द्र-अस्पताल नही है। दवाईयां नही मिल पा रही है। उन्होने कहा कि शासन-प्रशासन ने बालाघाट के आदिवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं, पीने के पानी, दवा, टीकाकरण हर क्षेत्र में नजरअंदाजी दिखाई है। अब क्या अपने देश में जनता को दवा-पानी के लिए भी आंदोलन करना पड़ेगा?
आदिवासियों की आवाज बनेगा सीजेपी
अभिजीत दीपके ने कहा कि बच्चों की मौत को साधारण तौर पर नही माना जा सकता है। कॉकरोज जनता पार्टी आदिवासियों के साथ है। पार्टी उनका साथ देगी। इस जमीन पर पहला हक आदिवासियों का है। उन्होने कहा कि बैगा आदिवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।




