पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में मासूम बच्चों की हो रही लगातार मौत से यहां के ईलाज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। खबरों के तहत जिला अस्पताल की आईसीयू में एक महीने के अंदर जन्म से लेकर एक वर्ष तक के 22 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों से मासूम बच्चों के परिजनों का बुरा हाल है तो वही स्वास्थ विभाग में हड़कम्प मच गया है।
अस्पताल पहुचे सीएमएचओं
अस्पताल में बच्चों की लगातार हो रही मौतों के बाद यहां की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड में पहुच कर जानकारी लिए है, हांलाकि उनका कहना है कि एसएनसीयू वार्ड में आने वाले अधिकांश नवजात और बच्चे बेहद गंभीर स्थिति में दूर-दराज के इलाकों से रेफर होकर आते हैं। उनका कहना है कि प्रत्येक मौत के कारणों की की जांच करवाई जा रही है और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
बच्चों के मौत से परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता, समय पर डॉक्टरों की उपलब्धता और जीवनरक्षक सुविधाओं में भारी कमियां हैं। उनकी मांग है कि स्वास्थ्य विभाग अपनी कमियों को छिपाए बल्कि जरूरी कदम उठाए, जिससे मासूम बच्चों का जीवन सुरक्षित रह सकें।




