उत्तर प्रदेश में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के दौरान पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार (Former ARTO Lalit Kumar) के लखनऊ स्थित आवास से करोड़ों रुपये की संपत्ति बरामद होने का मामला सामने आया है। आय से अधिक संपत्ति मामला की जांच कर रही विजिलेंस टीम ने छापेमारी में नकदी, सोना, चांदी, जमीन, बैंक निवेश और अन्य संपत्तियां जब्त की हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कोर्ट के सर्च वारंट के बाद हुई विजिलेंस की रेड
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विजिलेंस (Uttar Pradesh Vigilance) ने 7 और 8 जुलाई को कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में पूर्व एआरटीओ ललित कुमार (Former ARTO Lalit Kumar) के घर पर छापा मारा। अधिकारी के खिलाफ पहले से ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (Prevention of Corruption Act 1988) के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की।
छापे में क्या-क्या मिला?
विजिलेंस जांच के दौरान घर से बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद हुई। टीम के अनुसार—
- 1.62 करोड़ रुपये नकद (₹1.62 Crore Cash Recovery)
- 13 किलो सोना (13 Kg Gold Seized), जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई गई
- 9 किलो चांदी (9 Kg Silver Recovery)
- लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में करीब 13 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन तथा नोएडा में फ्लैट (Properties In Lucknow Barabanki Raebareli And Noida)
- 1 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक डिपॉजिट, एफडी, म्यूचुअल फंड और डाकघर निवेश (Bank Deposits Mutual Funds And Fixed Deposits)
- टोयोटा इनोवा, हुंडई i20 कार और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर (Toyota Innova Hyundai i20 And Revolver)
घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई थी नकदी
जांच एजेंसियों के अनुसार, नकदी घर के कई कमरों और गुप्त स्थानों पर अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखी गई थी। जब पूरी रकम की गिनती की गई तो कुल 1.62 करोड़ रुपये बरामद हुए। इसके अलावा सोने के बिस्कुट, ईंटें, आभूषण और चांदी के सिक्के एवं गहने भी मिले, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
कई शहरों में संपत्ति का भी खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व एआरटीओ ललित कुमार (Former ARTO Lalit Kumar) के नाम या उनसे जुड़े लोगों के माध्यम से लखनऊ के पॉश इलाकों, रायबरेली, बाराबंकी और नोएडा में कई अचल संपत्तियां मौजूद हैं। विजिलेंस इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों और खरीद के स्रोत की जांच कर रही है।
विजिलेंस टीम को मिला इनाम
इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश विजिलेंस (Uttar Pradesh Vigilance) के महानिदेशक और निदेशक ने छापेमारी करने वाली टीम को बधाई दी है। सफल कार्रवाई के लिए टीम को 1 लाख रुपये का पुरस्कार भी देने की घोषणा की गई.




