बंगाल में दीदी के जगह दादा? या मोटा भाई के दिमाग में कुछ और ही चल रहा?

Who Will Become West Bengal CM: पश्चिम बंगाल में मुख्य मंत्री कौन बनेगा ये आज का सबसे बड़ा सवाल है. जब ये सवाल होता है तो सबसे पहले एक ही शख्स का नाम सामने आता है और वो है शुभेन्द्रू अधिकारी जिन्हे लोग दादा बुलाते हैं (Suvendu Adhikari). बीजेपी अबतक Suvendu Adhikari की लीडरशिप में ही बंगाल में चुनाव लड़ती आई है. शुभेन्द्रू अधिकारी ही वो नेता हैं जिन्होंने ममता बनर्जी को उनकी सीट भवानीपुर (Bhowanipore) से हरा दिया और इससे पहले 2021 के इलेक्शन में भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम से मात दी थी. इस बार अधिकारी ने दोनों सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है.

शुभेन्द्रू अधिकारी बंगाल सीएम बनने की सबसे प्रबल दावेदारी है लेकिन यहीं तो बीजेपी असली खेल कर देती है. सीएम बनाने के निर्णय ऐसे लिए जाते हैं जो जनता और दावेदारों को दंग कर देते हैं. इसी लिए कहा नहीं जा सकता कि अधिकारी ही सीएम पद के अधिकारी होंगे।

शपथग्रहण 9 मई को होगा

BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्‌टाचार्य के मुताबिक नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को होगा। इसी दिन रवींद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती है। दरअसल बांग्ला कैलेंडर के मुताबिक यह तिथि 25 वैशाख को होती है। जो आमतौर पर मई के दूसरे हफ्ते में पड़ती है।

भाजपा ने बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाया है। वहीं, असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

कौन बनेगा बंगाल का सीएम

बंगाल में बीजेपी वही कर सकती है जो दिल्ली में किया गया। जब दिल्ली में AAP की सरकार हारी थी तब सीएम आतिशी थीं और बंगाल में ममता को हरा कर बीजेपी एक महिला को सीएम बना सकती है. इस समय बीजेपी महिला नेतृत्व में काफी काम कर रही है. महिला आरक्षण को लेकर देशभर में कैम्पेन चला रही है। ऐसे में खुद को बड़ा महिलावादी साबित करने के लिए किसी महिला को बंगाल का सीएम चुना जा सकता है और ऐसे में पहला नाम रूपा गांगुली का आता है. शुभेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष जैसे नेता हैं जो सीएम बनने की रेस में हैं.

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