आखिर सावन महीना क्यों है इतना खास, प्रकृति और पूरा वातावरण हो जाता है सुहावना, बॉलीबुड ने इसे फिल्माया

पर्व। सावन का महीना अपनी झमाझम बारिश, ठंडी हवाओं और चारों तरफ फैली हरी-भरी हरियाली के कारण सुहावना होता है। इस मौसम में तेज गर्मी से राहत मिलती है और प्रकृति बहुत सुंदर दिखती है। आसमान में काले बादल छाए रहते हैं और ठंडी फुहारें पड़ती हैं। सूखे पेड़-पौधे हरे हो जाते हैं और धरती पर घास की चादर बिछ जाती है। जिससे प्रकृति और पूरा वातावरण सुहावना हो जाता है।

समुद्र मंथन से जुड़ा हुआ है सावन का महत्वं

सावन का यह मास शिव भक्ति, व्रत और प्राकृतिक बदलावों का प्रतीक है। इस महीने में समुद्र मंथन से निकला विष भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था, जिससे उनका नाम नीलकंठ पड़ा। उस विष की गर्मी को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया था।

धार्मिक गंथ्रों के अनुसार भगवान शिव को बारह महीनों में सावन का महीना सबसे अधिक प्रिय है। माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन में ही कठोर तपस्या की थी। भक्त इस पूरे महीने, विशेषकर सावन सोमवार के दिन भगवान शिव को जल, बेलपत्र और दूध अर्पित करते हैं। शिव भक्त पवित्र नदियों से जल लाकर शिवालयों में अर्पण करते हैं। सुहागिन महिलाएं परिवार की सुख-शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता गौरी की पूजा करती हैं।

बॉलीबुड ने इसे फिल्माया

बॉलीवुड ने सावन पर कई अमर गीत बनाए हैं। फिल्मों में सावन के दृश्यों को झूला झूलते हुए और प्रेम के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है। हिंदी सिनेमा ने सावन के त्योहारों और मेलों की संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाया है। हिंदी सिनेमा में पहले से ही सावन के महीने को लेकर गाने बनते आए हैं, जो सुपरहिट साबित हुए. पुराने गानों में तो कई ऐसे सदाबहार गाने हैं जो आज भी सबके दिलों में बसते हैं। हिन्दी सिनेमा में 50 के दशक से लेकर साल 2001 तक की फिल्मों में सावन की छटा घुमड़ती रही है. तो आज भी बारिश फिल्में फिल्माई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *