क्या है पैनिक बुकिंग, जिसको रोकने शासन-प्रशासन कर रहा अपील

एलपीजी। एलपीजी एवं पेट्रोलियम प्रदार्थो की खरीदी में बढ़ती लोगों की भीड़ की वजह पैनिक भी सामने आ रही है। आखिरी यह पैनिक है क्या। दरअसल पैनिक बुकिंग का अर्थ है कमी की अफवाह के कारण आवश्यकता से पहले ही गैस सिलेंडर, सामान या सेवाएं बुक करना।

युद्ध एवं वितरण में समस्या आने पर बनती है स्थित

पैनिक बुकिंग यह आमतौर पर युद्ध, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान या कालाबाजारी की खबरों के बाद होता है, जिससे सिलेंडर की डिलीवरी में 2-3 दिन की देरी और कृत्रिम किल्लत पैदा हो रही है। ऐसी स्थित में लोग जल्द-से-जल्द खरीदी करके स्टाक रखना चाहते है। जिससे आम जरूरत मंद लोगो को एलपीजी आदि नही मिल पाती है और इससे समस्या बढ़ जाती है। पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए नए नियम बनाए गए है। जिसके तहत शहरी उपभोक्ताओं की एलपीजी बुकिंग 25 दिन एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं की 45 दिन की रखी गई है। जिससे जरूरत मंद लोगों तक एलपीजी पहुचं सकें।

पैनिक बुकिंग से जुड़े मुख्य तथ्य (मार्च-अप्रैल 2026)


स्थितिः पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में गैस का पर्याप्त भंडार है।
कारणः खाड़ी देशों में तनाव के कारण सप्लाई में व्यवधान की अफवाहों के चलते 60 प्रतिशत तक बुकिंग बढ़ गई है।
नए नियमः पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए कई एजेंसियां अब 25 दिन के अंतराल पर ही दोबारा बुकिंग स्वीकार कर रही हैं।
परिणामः अनावश्यक बुकिंग से असली जरूरतमंदों को सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है।
सरकार की अपीलः सरकार ने नागरिकों से पैनिक बुकिंग न करने और संयमित उपयोग करने की अपील की है।

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