Vodafone Idea शेयर 7% चढ़ा, SBI फंडिंग पर बड़ा अपडेट

Vodafone Idea shares rise 7%; major update on SBI funding.

Vodafone Idea के शहरों में मंगलवार 25 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली है बिजनेस के दौरान इसका शेर 7.11% से बढ़कर ₹15.7 तक पहुंच गया। इसकी तेजी के पीछे एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के ग्रुप से कंपनी की डेबिट फंडिंग को लेकर बढ़ती उम्मीद को जरूरी वजह बताया जा रहा है।

Vodafone Idea shares rise 7%; major update on SBI funding.

वोडाफोन आइडिया के शेयर में तेजी क्यों आई?

Vodafone Idea करीब 35000 करोड रुपए के फंडिंग पैकेज के लिए लैंडर्स के साथ बातचीत कर रही है इसका प्रस्ताव पैकेज के करीब 25000 करोड रुपए की फंडेड फैसिलिटी और 10000 करोड रुपए के नॉन फंडेड सपोर्ट इसमें शामिल है। एसबीआई इस कंसोर्टियम की अगुवाई कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई एलइडी कंसोर्टियम ने फंडिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रोग्रेस हासिल की है हालांकि रकम के एक्चुअल रिलीज के लिए कुछ शर्त और दूसरे लैंडर्स की कमिटमेंट्स की जरूरत है। इसलिए इसे अभी पूरी 35000 करोड रुपए की रकम मिलने के रूप में नहीं देखना चाहिए।

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टोटल 45000 करोड रुपए का पैसा कहां खर्च होगा?

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 से लेकर फाइनेंशियल ईयर 2019 के दौरान करीब 45000 करोड रुपए के कैपेक्स की प्लानिंग की है। इसका बड़ा हिस्सा 5G और 4G नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लगाए जाने वाला है। वोडाफोन आइडिया पहले ही करीब 9000 करोड़ के नेटवर्क इक्विपमेंट ऑर्डर दे चुका है जिसमें जून तिमाही तक 1930 करोड रुपए का कैपेक्स डेप्लॉय किया गया था। जा कंपनी करीब 3500, 4G साइट्स हर महीने लगते और अगले दो क्वार्टर्स में 5G को 200 से ज्यादा नए शहरों तक पहुंचाने की प्लानिंग पर काम कर रही है।

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इसके बिजनेस में दिखा सुधार

जून 2026 तिमाही में Vodafone Idea का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6% से बढ़कर 11689 करोड रुपए रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर 3754 करोड रुपए रह गया। वही ARPU बढ़कर 195 पर पहुंच गया और सब्सक्राइबर बेस 193 पॉइंट एक मिलियन यानी करीब 19.31 करोड रुपए रहा। कंपनी के मर्जर के बाद पहली बार नेट सब्सक्राइबर को एडिशन दर्ज किया गया है। हालांकि कंपनी के रिस्क कभी खत्म नहीं हुए हैं 195 रुपए की ARPU के बढ़ने के बावजूद एयरटेल और जिओ के मुकाबले यह कम है। इसलिए आगे की कहानी इस बात पर निर्भर होती है की फंडिंग कितनी जल्दी उपलब्ध होती है और नेटवर्क इन्वेस्टमेंट से ग्राहक, अर्पू और रेवेन्यू में कितना सुधार आ सकता है।

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