अमेरिका-ईरान जंग हुई तेज, एक दूसरे पर चला रहे मिसाइल, वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा असर

अमेरिका-ईरान जंग। अमेरिका-ईरान जंग ने एक बार फिर रफ्रतार पकड़ लिया है। अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए 10 ठिकानों को तबाह कर दिए है। तो ईरान ने कुवैत-बहरीन पर मिसाइलों से भयंकर हमले किए है। इस युद्ध के दौरान होर्मुज में एक जहाज पर भी हमला किया गया है। अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से लगातार जवाबी हमले जारी हैं।

ट्रम्प ने दी चेतावनी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसका अस्तित्व नहीं बचेगा। तो वही अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन चलाए है।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर

एक सप्ताह के अंदर दोनों देशों ने सीजफायर तोड़ते हुए जिस तरह से हमले कर रहा है। उससे मध्यपूर्व में हालात बिगड़ने लगे है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। दुनिया के लोग एक बार फिर चर्चा करने लगे है कि क्या संयुक्त राष्ट्र इस संघर्ष को थामने की कोशिश करेगा, या यह और बड़े युद्ध की शक्ल ले लेगा।

वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु:

  • परमाणु ठिकानों पर एयरस्ट्राइक: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित अभियानों के तहत, अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरानी सैन्य और परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए हवाई हमले किए हैं।
  • ईरान का पलटवार: ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई में बहरीन और कतर स्थित अमेरिकी ठिकानों को मिसाइल हमलों का निशाना बनाया है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य: तनाव बढ़ने से दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ में जहाजों की आवाजाही को बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट और तेल की कीमतों में अस्थिरता आ गई है।

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