रीवा हॉस्टल में बदहाली पर हंगामा, मूलभूत सुविधाओं की कमी से नाराज छात्र थाली और बाल्टी लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट

Uproar over poor condition of Rewa hostel

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सिविल लाइन स्थित अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रावास के छात्रों ने रहने, खाने-पीने और पानी की गंभीर समस्याओं को लेकर शनिवार को जिला मुख्यालय पर अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। हॉस्टल की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी से तंग आकर कॉलेज के दर्जनों छात्र अपने हाथों में खाने की थाली, नहाने की बाल्टी और डिब्बे लेकर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने जमा हो गए। छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए, जिससे वहां हड़कंप मच गया।

खाने में बदइंतजामी और 4 साल से कीड़े वाला पानी पीने को मजबूर हैं छात्र
कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से ध्वस्त हैं। कॉलेज जाने वाले इन छात्रों को न तो समय पर सुबह का नाश्ता और खाना मिलता है और न ही उसकी गुणवत्ता ठीक होती है; भोजन इतना खराब होता है कि छात्रों को अक्सर भूखे पेट ही कॉलेज जाना पड़ता है। इसके अलावा, छात्रों ने पानी के गंभीर संकट का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले 2 से 4 साल से हॉस्टल की पाइपलाइन पूरी तरह खराब पड़ी है, जिसके कारण नलों से कीड़े वाला दूषित पानी आ रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में छात्रों के सामने पेयजल और निस्तार के पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है।

शिकायत करने पर मिलती है धमकी, नवागत कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस बदहाली को लेकर कई बार हॉस्टल अधीक्षक और ट्राइबल (जनजातीय कार्य) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायतें दीं, लेकिन हर बार उनकी अर्जियों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। आरोप है कि हॉस्टल अधीक्षक कार्रवाई करने के बजाय उल्टा छात्रों को कलेक्ट्रेट न जाने की समझाइश और धमकी देकर मामले को दबा देते हैं। छात्रों ने बताया कि पूर्व में भी जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आज मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। छात्रों ने रीवा के नवागत कलेक्टर से मुलाकात कर हॉस्टल की व्यवस्थाएं सुधारने और लापरवाह जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

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