MP OBC Reservation Controversy: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी वर्ग के वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका वास्तविक हक देने के लिए तैयार नहीं है।
MP OBC Reservation Controversy: मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले Other Backward Classes (OBC) वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।सिंघार ने कहा कि सरकार OBC वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका हक देने के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी समाज के नाम पर सिर्फ राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को लेकर कोई ठोस और स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई। “सरकार ने पूरा मामला अदालत के भरोसे छोड़ दिया है। खुद निर्णय लेने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखा रही है,” उन्होंने कहा। नेता प्रतिपक्ष ने उम्मीद जताई कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित OBC Reservation मामले में जल्द ही ओबीसी वर्ग को न्याय मिलेगा। उन्होंने सवाल किया कि जब ओबीसी प्रदेश की सबसे बड़ी आबादी का हिस्सा हैं, तो उन्हें उनके अधिकार देने में सरकार क्यों हिचकिचा रही है।
निर्मला सप्रे मामले पर क्या बोले सिंघार?
बीना विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्मला सप्रे (Nirmala Sapre) के मामले पर भी उमंग सिंघार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय शीघ्र ही इस पर उचित निर्णय सुनाएगा।
किसानों की समस्याएं जस की तस, सरकार पर सवाल
ओबीसी आरक्षण के अलावा उमंग सिंघार ने किसानों की लगातार बढ़ रही परेशानियों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर server down, स्लॉट गायब और खराब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सिंघार ने बताया कि पहले मंडी में पर्ची कटते ही तुलाई शुरू हो जाती थी, लेकिन अब online slot system और इंटरनेट की दिक्कतों के चलते किसानों का समय बर्बाद हो रहा है। खरीदी प्रक्रिया पहले ही देरी से शुरू हुई है और अब खरीदी के दौरान लगातार बाधाएं आ रही हैं।”अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य कब मिलेगा? सरकार को इस अव्यवस्था पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।




