Twisha Sharma Death Case : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार देररात बड़ा फैसला सुनाया है। बुधवार को इस मामले में अदालत ने मृतिका ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका दे दिया। हाईकोर्ट ने भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई को दी गई गिरिबाला सिंह की जमानत को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले की गंभीरता, सबूतों और जांच के शुरुआती चरण को देखते हुए आरोपी को जमानत देना ठीक नहीं। अब सीबीआई गिरिबाला सिंह को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।
ट्विशा शर्मा की सास को सीबीआई कर सकती है गिरफ्तार
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने बुधवार को सास व पूर्व रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर पर रेड की। इससे पहले हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका को रद्द कर दिया है। जिसके बाद ही सीबीआई गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी को लेकर उनके घर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि गिरिबाला सिंह कभी भी गिरफ्तार हो सकती है। उधर ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को भी सीबीआई ने पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है।
न्यायमूर्ति ने कहा- ट्विशा के शरार पर फंदे के अलावा भी चोटों के निशान थे
इस मामले में न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने अपने 17 पन्नों के आदेश में कहा कि निचली हाई कोर्ट ने केस डायरी और साक्ष्यों का सही से परीक्षण नहीं किया। कोर्ट ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी जिक्र किया। रिपोर्ट में बताया गया कि ट्विशा के शरीर पर फांसी के फंदे के अलावा कई चोटें भी पाई गई थीं। इन चोटों का संबंध केवल शव को फंदे से उतारने का नहीं था। आरोपी पक्ष इन चोटों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि इन परिस्थितियों में हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
कोर्ट ने माना कि पति और सास ट्विशा के चरित्र पर शक कर रहे थे
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई, राज्य सरकार के वकील प्रशांत सिंह और मृतका के पिता के वकील सिद्धार्थ लूथरा की दलीलें सही मानी गईं। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान और वॉट्सऐप चैट्स से पता चला है कि ट्विशा गर्भवती थी और उसका पति समर्थ और सास गिरिबाला उसके चरित्र पर शक कर रहे थे। उन्होंने ट्विशा पर गर्भपात का दबाव भी डाला था। परिवार ने दहेज और शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है। यह बातें ट्रायल कोर्ट ने नजरअंदाज कर दी थीं।
आरोपी गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रहीं- हाई कोर्ट
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी गिरिबाला सिंह जमानत मिलने के बाद से जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने मीडिया में बयानबाजी करके मृतका की छवि खराब करने की कोशिश की। एक रिटायर्ड जज होने के बावजूद उनका व्यवहार जांच को प्रभावित कर सकता है। अदालत ने कहा कि अगर जमानत आदेश तथ्यों और केस डायरी को नजरअंदाज कर जल्दबाजी में दिया गया हो, तो उसे तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।
गिरिबाला सिंह की तरफ से वकील नित्या ने कहा कि मुख्य आरोप पति समर्थ सिंह हैं। गिरिबाला सिंह 63 साल की हैं, तो उनके फरार होने का खतरा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल और डीवीआर सब पुलिस के पास हैं और वे जांच में मदद कर रही हैं। लेकिन हाईकोर्ट ने इन बातों को पर्याप्त नहीं माना।
गौरतलब है कि ट्विशा के पति समर्थ सिंह को पहले ही 29 मई तक की सीबीआई रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है।
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