Three policemen including TI suspended in Rewa: रीवा जिले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई की गई है। सेमरिया थाने में एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपियों को पकड़ने के बावजूद बिना कानूनी कार्रवाई छोड़े जाने पर एसपी ने थानेदार सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सेमरिया थाना प्रभारी सहित तीन पर गिरी गाज
सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपीस, विवेचक रामयश रावत और कॉन्स्टेबल सुजीत शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान तीनों को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। प्रारंभिक जांच में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद हुई जांच, आरोप सही पाए गए
मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच एसडीओपी को सौंपी गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस ने जिन संदेहियों को पूछताछ के लिए उठाया था, उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तुरंत निलंबन की कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला
सेमरिया पुलिस ने नशीली टैबलेट के साथ दो आरोपियों—राहुल सिंह उर्फ शैलेंद्र सिंह और संदीप सिंह उर्फ हेमंत सिंह—को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने सतना जिले के अबेर गांव के दो लोगों का नाम बताया, जिन्होंने उन्हें नशीली दवाएं उपलब्ध कराई थीं। पुलिस ने इन दोनों संदेहियों को पकड़कर थाने लाया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और मामला दबाने की कोशिश की गई।
थानेदार की भूमिका पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम में थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में यह सामने आया कि मामले को जानबूझकर रफा-दफा किया गया, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
एसपी का बयान
रीवा एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। उनके मेमोरेंडम के आधार पर लाए गए संदेहियों को बिना कार्रवाई छोड़ा जाना गंभीर लापरवाही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और आगे की जांच जारी है।
