एमपी। सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए देश की शीर्ष अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को 48 घंटे का समय तय कर दिया है। जिससे सड़कों पर गड्ढों की वजह से होने वाली दुर्घटनों में लगाम लग सकें। मध्यप्रदेश के पीएस को इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने पत्र लिखा है। कमेटी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर 48 घंटे के भीतर गड्ढे भरने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है। इतना ही नही प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों को बैरिकेडिंग करनी होगी। मुख्य सचिव को भेजे पत्र में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी ने दो महीने में रिपोर्ट मांगी है। बारिश में ऐसे स्थानों पर रात में प्रकाश व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे सड़क दुर्घटना न हो सकें।
जान लेवा बन रहे सड़क के गड्ढे
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के देखते हुए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों के गड्ढों, खुले नालों, मैनहोल और बिना बैरिकेड वाले जलभराव क्षेत्रों की तुरंत मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था करे। समिति ने पत्र में कहा है कि सड़क किनारे खुले और बिना रोशनी वाले जलभराव क्षेत्र तथा खराब सड़कें जानलेवा दुर्घटनाओं का न सिर्फ कारण बन रही हैं बल्कि सड़कों में ऐसी लापरवाही से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
48 घंटे में मेन्टेन करना होगा सड़क
समिति ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा है कि सड़क में गड्ढे होने की सूचना मिलती है तो उस पर तत्काल अमल किया जाए और 48 घंटे के अंदर सड़क की मरम्मत करवाकर उसे ठीक किया जाए। खुले मैनहोल, नालों और जलभराव वाले स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। इस आदेश का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिए है उसका रिर्पोट सभी राज्यों को दो महीने के अंदर देनी होगी। कोर्ट की समिति ने इस तरह की खराब सड़क की वजह से हाने वाले 5 साल के हादसों की रिर्पोट भी मांगी है।




