रीवा : वैलेंटाइन डे 14 फरवरी के दिन से लापता एक नाबालिग प्रेमी जोड़े का तीन महीने बाद जंगल में कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना जवा थाना क्षेत्र की है, जहां बीती रात जनकहाई के घने जंगल में दोनों के कंकाल पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और रात में ही घटनास्थल को सुरक्षित घेरे में ले लिया। बुधवार की सुबह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मौका-मुआयना किया गया, जिसके बाद कंकालों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज भिजवा दिया गया है।
फंदे से टूटी डाल, तीन महीने तक जंगल में पड़े रहे शव
शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि दोनों नाबालिगों की मौत करीब तीन महीने पहले यानी लापता होने के आस-पास ही हो गई थी। बुधवार सुबह जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया, तो पेड़ की एक डाल पर फांसी का फंदा बंधा हुआ मिला। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों ने पेड़ से लटककर खुदकुशी की थी, लेकिन समय बीतने के साथ शवों के भार से पेड़ की वह डाल टूट गई और दोनों शव जमीन पर आ गिरे। तीन महीने तक शव खुले जंगल में पड़े रहने के कारण वे पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुके थे।

तेंदू पत्ता तोड़ने गए श्रमिकों ने देखा, जूते और मोबाइल से हुई पहचान
वर्तमान में इस वनांचल क्षेत्र में तेंदू पत्ता तुड़ाई का काम चल रहा है, जिसके चलते ग्रामीण और श्रमिक पत्तियां तोड़ने के लिए जंगल के भीतर तक जा रहे हैं। मंगलवार की शाम जब कुछ श्रमिक पेड़ के नीचे पहुंचे, तो उन्हें वहां मानव कंकाल और बिखरे हुए कपड़े दिखाई दिए, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जवा थाना पुलिस को दी। पुलिस के मुताबिक, मृतक नाबालिग के जूतों, जेब से मिले मोबाइल, चश्मे और मौके पर पड़े लड़के-लड़की के कोट व अन्य कपड़ों के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई है।
परिजनों ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट, डीएनए टेस्ट से होगी अधिकृत पुष्टि
परिजनों के अनुसार, यह नाबालिग जोड़ा 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने की बात कहकर घर से निकला था और जनकहाई जंगल की तरफ गया था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने तकनीकी तौर पर अपहरण का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की थी। पुलिस का कहना है कि हालांकि कपड़ों और सामान से शिनाख्त हो चुकी है, लेकिन वैज्ञानिक और कानूनी तौर पर अधिकृत पहचान सुनिश्चित करने के लिए कंकालों का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।




