SGMH रीवा में गर्मी का सितम: ठप पड़े कूलर-एसी, बाजार से खुद का कूलर लेकर वार्डों में पहुंचे परिजन

The family members reached SGMH Rewa with their own cooler from the market.

रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल (SGMH) में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। 45 डिग्री की भीषण और जानलेवा गर्मी के बीच अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण मरीजों की जान संकट में पड़ गई है। अस्पताल के वार्डों में लगे कूलर और सेंट्रल एसी सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिससे पूरा परिसर भट्टी की तरह तप रहा है।

भट्टी की तरह तप रहे वार्ड, तड़प रहे मरीज
अस्पताल की तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थिति सबसे ज्यादा भयावह है। यहां भर्ती गंभीर मरीजों का गर्मी के मारे दम घुट रहा है और वे दिन-रात पसीने से तरबतर होकर तड़पने को मजबूर हैं। अस्पताल की इस नाकामी से तंग आकर कई बेबस परिजन बाजार से खुद का कूलर खरीदकर या किराए पर लाकर वार्डों में लगाने को मजबूर हो गए हैं, ताकि अपने मरीजों को इस असहनीय तपिश से बचा सकें।

वार्डों से सीनियर डॉक्टर गायब, पीजी छात्रों के भरोसे इलाज
इस भीषण अव्यवस्था के बीच मरीजों और उनके तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इतने संवेदनशील माहौल में भी वार्डों से सीनियर डॉक्टर (वरिष्ठ चिकित्सक) पूरी तरह गायब हैं और रूटीन राउंड पर नहीं आ रहे हैं। वर्तमान में मरीजों के इलाज और राउंड की पूरी जिम्मेदारी केवल जूनियर पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) छात्रों के भरोसे छोड़ दी गई है।

प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ा आक्रोश
प्रबंधन की इस भारी प्रशासनिक लापरवाही के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर उचित और विशेषज्ञ डॉक्टरी मदद नहीं मिल पा रही है। विंध्य के इस सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र में बुनियादी सुविधाओं की इस कदर बदहाली और वरिष्ठ डॉक्टरों की बेरुखी को लेकर अब मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश पनप रहा है।

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