रीवा/प्रयागराज। रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत तमरी गांव की रहने वाली 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की प्रयागराज में हुई संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस संवेदनशील मामले में जिलाधिकारी (DM) के विशेष आदेश पर मौत के 35 दिन बाद मृतका के शव को कब्र से खोदकर बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मृतका के परिजनों ने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या का मामला बताया है।
‘प्रिंस’ बनकर इंस्टाग्राम पर फंसाया, फिर बदला मजहब
मृतका की मां बेबी देवी और मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रयागराज के कौंधियारा निवासी साहिल खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर खुद को ‘प्रिंस’ बताकर गोल्डी को अपने प्रेम जाल में फंसाया था। शुरुआत में उसने अपनी पहचान छिपाई और गोल्डी से हैदराबाद के एक मंदिर में शादी कर ली। बाद में जब सच्चाई उजागर हुई, तो उसने दबाव बनाकर मस्जिद में दोबारा निकाह (धर्म परिवर्तन) कर लिया। परिजनों का कहना है कि गोल्डी के गर्भवती होने के बाद से ही ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
बिना बताए गुपचुप तरीके से दफनाया शव
मायके वालों का संगीन आरोप है कि बीती 10 मई 2026 को गोल्डी को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने मायके वालों को बिना कोई सूचना दिए गुपचुप तरीके से शव को दफना दिया। गोल्डी के परिवार को इस खौफनाक वारदात की भनक करीब एक महीने बाद 6 जून को लगी, जिसके बाद उन्होंने न्याय के लिए प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं, जांच जारी
प्रशासनिक मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया गया, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर, आरोपी पति साहिल खान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि गोल्डी की मौत बीमारी के चलते अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी। फिलहाल पुलिस और सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्रा इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।




