रीवा। नशे से दूरी है जरूरी स्लोगन के साथ स्कूली बच्चों एवं युवाओं ने शपथ लेकर नशे से होने वाले दुष्प्रभाव से लोगो को जागरूक करने का संकल्प लिए है। शहर के वार्ड क्रमांक 4 नई बस्ती पडरा में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें जगदीश बैजनाथ वेलफेयर सोसायाटी अध्यक्ष मुनीद्र चतुर्वेदी और रमेश दुबे के नेतृत्व में नशा मुक्त भारत का संकल्प बच्चों को दिलाया गया।
नशा करने वालों को दे समझाइस
कार्यक्रम के दौरान नशा के प्रति बच्चों को जागरूक करने के साथ ही उन्हे समझाइए दी गई कि आपके घर में बड़े बुजुर्ग या फिर आपके आसपास कोई नशा करता है तो उन्हे समझाइस दें, कि तंबाकू, सिगरेट, शराब कोई भी नशा हो वह शरीर के लिए खतरनाक, हानिकारक होता है। लोगो को समझाऐं की आज से ही नशा को त्याग करना है, क्योकि नशा से घातक बीमारियों का आगमन होता है और इससे न सिर्फ स्वयं परेशान होते है बल्कि पूरा घर-परिवार इससे प्रभावित होता है। ऐसे में हम सब संकल्प लेगे कि नशा को हमेशा के लिए त्याग कर देंगे और अपने जिला और प्रदेश और भारत को नशा मुक्त बनाएंगे।
नशे के नुकसान
- शारीरिक हानि: दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, सांस की तकलीफ और तंत्रिका तंत्र कमजोर होना।
- मानसिक तनाव: सोचने-समझने की शक्ति कम होना और डिप्रेशन का शिकार होना।
- पारिवारिक बर्बादी: घर का पैसा दवा और इलाज की जगह नशे में बर्बाद होना, जिससे रिश्ते टूटने लगते हैं।
- सामाजिक पतन: समाज में मान-सम्मान घटना और अपराध की ओर झुकाव बढ़ना।
नशे से बचने के उपाय
- मजबूत संकल्प: मन में पक्का इरादा करें कि किसी भी स्थिति में नशा नहीं करेंगे।
- सही संगत: ऐसे दोस्तों से दूर रहें जो नशे की लत को बढ़ावा देते हैं।
- ध्यान और योग: मन को शांत और तंदुरुस्त रखने के लिए योग या खेलकूद अपनाएं।
- सलाह लें: यदि कोई लत में फंस चुका है, तो तुरंत डॉक्टर या पुनर्वास केंद्र (Rehab Center) की मदद लें।




