Sitaram Baba Viral Video : मध्य प्रदेश के दतिया में भागवत कथा के दौरान संत सीताराम बाबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे विधायक प्रदीप अग्रवाल को मुक्के मारते और धक्का देते नजर आ रहे हैं। इस घटना में बाबा ने गुस्से में विधायक की माला भी फेंक दी, जिसे अग्रवाल ने बिना विरोध किए स्वीकार किया। यह वीडियो अब काफी चर्चा में है।
माला पहनाने आये भाजपा नेता को बाबा ने पीटा
दरअसल, मध्य प्रदेश के दतिया जिले के बेरछा गांव में भागवत कथा के मंच पर कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई हैरान रह गया। व्यास गद्दी पर बैठे संत सीताराम बाबा से विधायक प्रदीप अग्रवाल आशीर्वाद लेने पहुंचे। तभी बाबा ने उन्हें न केवल डांटा, बल्कि मुक्के मारे, धक्का दिया और उनकी माला भी उतरवाई। घटना का वीडियो करीब 36 सेकंड का है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बाबा ने विधायक को पीठ पर मुक्के मारे और उन्हें पीछे धकेला। फिर उन्होंने माला उतारकर विधायक के चेहरे की तरफ फेंक दी। इस दौरान विधायक अग्रवाल शांतचित्त रहे और कोई विरोध नहीं किया।
कौन हैं सीताराम बाबा?
संत सीताराम बाबा मध्य प्रदेश के भिंड जिले के निसरोल मंदिर के महंत हैं। वे क्षेत्र के एक प्रसिद्ध और सम्मानित संत हैं, जो कथावाचक के रूप में भी जाने जाते हैं। इनका गुरु ‘मस्तराम बाबा’ भी बहुत प्रसिद्ध हैं। बाबा के अनुयायियों की लंबी फेहरिस्त है, जिनमें आम श्रद्धालु ही नहीं, कई नेता और उद्योगपति भी शामिल हैं। बाबा अपनी विशिष्ट शैली के लिए जाने जाते हैं, जिसमें वे अक्सर मंच से तीखे शब्द बोलते हैं। कभी-कभी वे तैश में आकर भक्तों को धक्का भी दे देते हैं या माला फेंककर मारते हैं। उनके समर्थक इसे ‘आशीर्वाद’ का हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनुचित और अव्यवहारिक बताते हैं।
बाबा के मंच पर क्या हुआ था?
घटना दतिया के बेरछा में चल रही भागवत कथा के दौरान की है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक श्रद्धा से मंच पर पहुंचते ही बाबा का गुस्सा भड़क उठता है। जैसे ही वे झुकते हैं, बाबा चिल्लाते हुए उनको खरी-खोटी सुनाने लगते हैं। फिर उन्होंने विधायक को मुक्के मारे, पीछे धकेला और माला फेंक दी। इस पूरे वाकये के दौरान विधायक ने शांत रहकर कुछ नहीं कहा।
ये बाबा का पुराना अंदाज है
भाजपा विधायक को बाबा द्वारा पीटे जाने का ये वीडियो कुछ दिनों पुराना है, लेकिन अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर दो राय हैं। कुछ लोग कहते हैं कि यह बाबा का पुराना अंदाज है और इसे व्यक्तिगत और आध्यात्मिक प्रेम माना जाना चाहिए। वहीं, दूसरे इसे अनुचित और सार्वजनिक मंच पर अमर्यादित बताते हैं। अभी तक न तो विधायक की तरफ से कोई शिकायत आई है और न ही बाबा ने कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण दिया है।
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