Brent Crude oil के दाम में गिरावट, Middle East शांति की उम्मीदों से दबाव…

Brent crude falls, pressured by Middle East peace hopes

ग्लोबल कमोडिटी बाजार में Brent Crude की कीमतों में शुक्रवार को गिरावट देखी गई है यह गिरावट इसराइल लेबनान के बीच अस्थाई युद्ध विराम और अमेरिका ईरान के बीच संभावित वार्ता की खबरों के बाद देखी गईहै। कीमतों में यह नमी सप्लाई बाधित होने की आशंका कम होने के कारण देखी गई है जिसका असर हमारे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखा गया है।

क्या है बाजार में गिरावट का रुख

शुक्रवार के सत्र में Brent Crude करीब 1 से 2% तक फिसल गया और कीमत $90 प्रति बैरल के आसपास आ गई। पिछले कुछ सत्र में या करीब $100 के ट्रेंड कर रहा था, कमोडिटी बाजार के डेटा के अनुसार यह गिरावट मुख्य रूप से जियो पोलिटिकल तनाव में कमी की उम्मीद से प्रेरित है। विशेषण को के अनुसार मिडल ईस्ट देश में किसी भी तरह का तनाव सीधे तेल की कीमतों को प्रभावित करता है क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक सप्लाई का सबसे बड़ा हिस्सा नियंत्रित करते हैं।

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क्या है गिरावट के प्रमुख कारण

अगर गिरावट के प्रमुख कारण में बात की जाए तो पहले कारण युद्ध विराम से रिस्क कम होने की बात होना, इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्ध विराम की घोषणा होने के बाद बाजार में राहत का माहौल देखा गया इससे निवेश करने वाले लोगों को लगाकर क्षेत्र में बड़े लेवल की संघर्ष की संभावनाएं हो सकती हैं। दूसरा अमेरिका और ईरान वार्ता की उम्मीदें जानकारी के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझाने के लेकर बातचीत फिर शुरू होने वाली है यदि यह सफल हो जाती है तो ईरान का एक्स्ट्रा तेल वैश्विक बाजार में आएगा। तीसरा सप्लाई चैन में सुधार की संभावना, हार्मोन स्ट्रीट जैसे हम रोड पर तनाव कम होने से सप्लाई नॉर्मल होने की उम्मीद हो रही है स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार इससे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी।

क्या है विशेषज्ञों की राय

कमोडिटी बाजार का कहना है कि Brent Crude मैं हाल ही में आई गिरावट अस्थाई हो सकती है अगर शांति वार्ता सफल हो जाती है तो कीमतों पर और दबाव आएगा लेकिन किसी भी नए तनाव से तेजी लौट सकती है निवेशकों के अनुसार। कुछ ब्रेकरीज हाउस के अनुसार कीमतें निकट अवधि में पचासी डॉलर से 95 डॉलर के दायरे में देखी जा सकती है हालांकि यह पूरी तरह से राजनीतिक घटनाओं पर ही निर्भर कर रही है।

क्या है इस से निवेशकों और अर्थव्यवस्था पर असर

तेल की कीमतों में गिरावट आने से भारत जैसे आया तक देश में पॉजिटिव संकेत मिल रहा है इससे पेट्रोल डीजल की लागत भी काम हो सकती है और महंगाई पर दबाव भी घटेगा। हालांकि ऊर्जा कंपनी और तेल उत्पादक देश की इनकम पर इसका नेगेटिव असर देखा जा सकता है।

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क्या है बाजार का आगे का आउटलुक

बाजार की आगे की दिशा मुख्य रूप से मिडल ईस्ट की स्थिति और अमेरिका ईरान की वार्ता पर ही निर्भर करेगी। अगर कूटनीतिक प्रयास सफल हो जाता है तो Brent Crude मैं और भी गिरावट देखी जा सकती है वही किसी भी नए संघर्ष से कीमतों में तेजी भी लौट जाएगी। यह स्पष्ट है कि फिलहाल बाजार सतर्क रूप में है और हर राजनीतिक अपडेट पर अपनी नजर बनाए हुए है।

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