संयुक्त राष्ट्र महासभा में शहबाज़ शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की तारीफ की और ऑपरेशन सिंदूर व सिंधु जल संधि पर बड़ा बयान दिया। पूरी खबर पढ़ें।

Shehbaz Sharif UNGA Speech

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने अपने 23 मिनट के संबोधन में भारत-पाकिस्तान संबंधों, ऑपरेशन सिंधूर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप को लेकर कई बड़े दावे किए। उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति के लिए ट्रंप की भूमिका को सराहा।

“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘समय पर हस्तक्षेप’ ने दक्षिण एशिया में बड़े पैमाने पर तबाही रोकी और करोड़ों लोगों की जान बचाई।” — शहबाज़ शरीफ, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान

ऑपरेशन सिंदूर का खौफ और ट्रंप की मध्यस्थता का दावा

पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ शरीफ के भाषण में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का असर स्पष्ट रूप से देखा गया। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी, भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था।

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शहबाज़ शरीफ ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक दखलअंदाजी के कारण दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच सैन्य संघर्ष आगे नहीं बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी खुद संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस दावे को दोहराया है।

हालांकि, भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को सिरे से खारिज किया है। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि यह दोनों देशों का द्विपक्षीय मामला है।

सिंधु जल संधि और कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण

अपने भाषण में शहबाज़ शरीफ ने सिंधु जल संधि (IWT) के निलंबन का मुद्दा भी वैश्विक मंच पर उठाया। पहलगाम हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद को शह देने के विरोध में इस ऐतिहासिक जल समझौते को स्थगित करने सहित कई कड़े कूटनीतिक फैसले लिए थे।

भारत का कड़ा संदेश है कि जब तक पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को पूरी तरह और अपरिवर्तनीय रूप से बंद नहीं करता, तब तक संधि पर कोई बातचीत नहीं होगी।

इसके साथ ही, शहबाज़ शरीफ ने कश्मीर मुद्दे का राग अलापते हुए कहा कि 2025 जैसी स्थिति से बचने के लिए कश्मीर का ‘न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान’ अत्यंत आवश्यक है।

भारत का पलटवार: ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का होगा इस्तेमाल

संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन हमेशा की तरह पाकिस्तान के मनगढ़ंत आरोपों का करारा जवाब देगा। स्थापित परंपराओं के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा डिप्लोमैट्स पाकिस्तान के दावों को खारिज करने के लिए ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ (Right of Reply) अधिकार का प्रयोग करेंगे।

भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार दोहराता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं और रहेंगे।

“जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तान को आतंकवाद का ढांचा खत्म करना होगा।” — भारतीय विदेश मंत्रालय का आधिकारिक रुख

पश्चिम एशिया कूटनीति और पाक सेना प्रमुख की तारीफ

दक्षिण एशियाई राजनीति के अलावा, शहबाज़ शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में अपनी कथित मध्यस्थता का बखान किया। उन्होंने दावा किया कि इस्लामाबाद ने वाशिंगटन और तेहरान को एक मंच पर लाकर ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ पर सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई।

अपने संबोधन के अंतिम चरण में, उन्होंने पाक सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की खुलकर तारीफ की। शरीफ के अनुसार, कठिन सुरक्षा हालात के बीच कूटनीतिक संभावनाएं बनाए रखने में आसिम मुनीर के प्रयासों की मुख्य भूमिका रही।

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FAQ: People Also Ask (PAA)

Q1: शहबाज़ शरीफ ने UNGA में डोनाल्ड ट्रंप के बारे में क्या कहा?

उत्तर: शहबाज़ शरीफ ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय पर किए गए कूटनीतिक हस्तक्षेप ने भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बड़े युद्ध को रोका और दक्षिण एशिया में करोड़ों जानें बचाईं।

Q2: भारत ने ऑपरेशन सिंधूर क्यों शुरू किया था?

उत्तर: भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) के जवाब में 7 मई 2025 को पाकिस्तान और PoK में आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के उद्देश्य से ऑपरेशन सिंदूर चलाया था।

Q3: सिंधु जल संधि पर भारत का वर्तमान रुख क्या है?

उत्तर: पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) को स्थगित कर दिया है। भारत का स्पष्ट कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं होगी।

Q4: क्या भारत ने अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार की है?

उत्तर: नहीं, भारत ने किसी भी तीसरे पक्ष या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के दावों को बार-बार खारिज किया है। भारत कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े सभी मुद्दों को पूरी तरह द्विपक्षीय मानता है।

Q5: भारत संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दावों का जवाब कैसे देगा?

उत्तर: भारत संयुक्त राष्ट्र में अपने स्थापित नियमों के तहत ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के भाषण में दिए गए झूठे दावों और कश्मीर पर दिए बयानों का कड़ा और तथ्यात्मक जवाब देगा।

निष्कर्ष और कूटनीतिक विश्लेषण

शहबाज़ शरीफ का UNGA संबोधन घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी दोनों को साधने का एक प्रयास था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दबाव में आई पाकिस्तानी सरकार और सेना अपनी साख बचाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की आड़ ले रही है।

हालांकि, सिंधु जल संधि के निलंबन और आर्थिक कूटनीति के मोर्चे पर भारत की सख्त नीति ने इस्लामाबाद पर चौतरफा दबाव बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि संयुक्त राष्ट्र में भारतीय डिप्लोमैट्स का राइट ऑफ रिप्लाई किस तरह पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीति का भंडाफोड़ करता है।

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