शशि थरूर ने प्रोटेस्टर्स के समर्थन में लिखा लेटर, बोले- परीक्षा में गड़बड़ी से युवाओं के सपने टूटते हैं

shashi tharoor

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में एक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने बुधवार को यह पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया। थरूर ने परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि यह पत्र उन्होंने किसी सांसद या नेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में लिखा है जो देश के युवाओं की परेशानियों को महसूस करता है।

थरूर ने बताया अपना संघर्ष

अपने पत्र में शशि थरूर ने अपने बचपन और परिवार की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह एक सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता अखबार में नौकरी करते थे और मां घर संभालती थीं। एक ही कमाई से तीन बच्चों की पढ़ाई चलती थी।

थरूर ने कहा कि उनके जैसे परिवारों के लिए मेरिट सिर्फ एक शब्द नहीं था, बल्कि जिंदगी में आगे बढ़ने का सबसे बड़ा जरिया था। छात्रवृत्ति और निष्पक्ष परीक्षाओं के भरोसे ही ऐसे परिवारों के बच्चे अपने सपने पूरे कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा और करियर में मेहनत और ईमानदार परीक्षा व्यवस्था की अहम भूमिका रही है। उन्हें जो भी हासिल हुआ, वह मेहनत और परीक्षाओं के जरिए मिला।

पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने पर जताई चिंता

परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए थरूर ने कहा कि निष्पक्ष और मेरिट आधारित व्यवस्था गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का रास्ता होती है।

उन्होंने कहा कि जब पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं और युवाओं का सिस्टम से भरोसा उठने लगता है, तो इसका सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ता है जिनके पास आगे बढ़ने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।

थरूर ने कहा कि अमीर और प्रभावशाली परिवारों के बच्चों के पास आगे बढ़ने के कई रास्ते होते हैं, लेकिन गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए ऐसी घटनाएं उनके सपनों और परिवार की मेहनत पर बड़ा झटका होती हैं।

सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील

अपने पत्र में थरूर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की।

थरूर ने कहा कि वांगचुक ने युवाओं के मुद्दों को लेकर देश का ध्यान खींचा है। अब उनकी आवाज की जरूरत आगे की लड़ाई के लिए भी है। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने वाला है और छात्रों से जुड़े मुद्दों को वहां उठाया जाएगा, इसलिए वह वांगचुक से अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हैं।

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