नई दिल्ली। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की चर्चा को लेकर विवाद बढ़ गया है। भाजपा इन प्रदर्शनों को देश के खिलाफ बड़ी साजिश बता रही है। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत की तुलना बांग्लादेश या फ्रांस से करना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहा है और वह शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन करता है।
थरूर ने क्या कहा
शशि थरूर ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम में समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान किरेन रिजिजू के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने फ्रांस में हुए हिंसक प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि बसों और पुलिस स्टेशनों को आग लगाने जैसी हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास शांतिपूर्ण विरोध में है और उन्होंने खुद भी ऐसे प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है।
थरूर ने कहा कि ‘रेजीम चेंज’ जैसे शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, “हम तो बस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहे हैं। आज चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। इसीलिए हम मांग कर रहे हैं कि इस पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जाए। यह एक संवैधानिक मुद्दा है। इसका सरकार को गिराने या ऐसी किसी कोशिश से कोई लेना-देना नहीं है।”
लोकतंत्र की रक्षा करना हर नागरिक का अधिकार: थरूर
थरूर ने कहा कि भारत के आम नागरिक लोकतंत्र के संरक्षक हैं और हर भारतीय को अपने लोकतंत्र की रक्षा करने का अधिकार है। उन्होंने चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं से अपनी जिम्मेदारी समझने और संविधान के अनुरूप काम करने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देना नहीं, बल्कि उनके काम करने के तरीके और व्यवहार पर सवाल उठाना है। थरूर के मुताबिक, भारत में सभी को लोकतंत्र से जुड़े इन मुद्दों पर चिंतित होना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने क्या आरोप लगाए
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के साथ वीडियो भी साझा किया था। इस वीडियो में राहुल गांधी और नेहा बोरा दिखाई दे रहे हैं। यह मामला नेहा बोरा के उस वीडियो संदेश से जुड़ा है, जो बांग्लादेश के छात्र संगठन सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट (SSF) के छठे केंद्रीय सम्मेलन के लिए भेजा गया था।
वीडियो संदेश में नेहा बोरा ने संगठन को सम्मेलन के लिए बधाई दी थी। साथ ही, उन्होंने कहा था कि भारत का जेन-जी आंदोलन बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित है। SSF बांग्लादेश के छात्र आंदोलन और वहां हुए सत्ता परिवर्तन से जुड़े घटनाक्रमों में सक्रिय रहा है।
इस वीडियो और प्रदर्शनों में ‘रेजीम चेंज’ की चर्चा के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। जहां भाजपा इन घटनाक्रमों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं शशि थरूर ने इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग से जुड़ा संवैधानिक मुद्दा बताया है।




