शेयर बाजार मे गिरावट, कच्चा तेल 108 डॉलर पार..Sensex-Nifty stock दबाव में..

Stock Market Decline: Crude oil crosses $108; Sensex and Nifty stocks under pressure.

Sensex-Nifty stock: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 11 सितंबर को शुरुआती बिजनेस में तेज गिरावट देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की दाम में उछाल और वैश्विक बाजार में कमजोरी का रुख होने से निवेश करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने 3 महीने के निचले लेवल पर पहुंच गए हैं।

Sensex-Nifty के स्टॉक में क्यों आई गिरावट?

शुरुआती बिजनेस में निफ्टी 50 0.92% से गिरकर 23261 पॉइंट 75 रुपए पर पहुंच गया जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.84% की गिरावट होने के साथ 74272.61 रुपए पर आ गया। दोनों ही इंडेक्स 11 जून के बाद की सबसे निचले लेवल पर अब पहुंच गए थे बाजार में गिरावट बहुत बड़ी रही और 16 प्रमुख सेक्टर में से 15 में तो कमजोरी देखने को मिली। मिड कैप और स्मॉल कैप के शेरों में भी दबाव देखने को मिला स्मॉल कैप इंडेक्स करीब 1.2 प्रतिशत और मिड कैप इंडेक्स करीब 1.4 प्रतिशत के नीचे था। जिसका मतलब है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक ही सीमित नहीं दिख रही थी।

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कच्चा तेल बना बाजार की सबसे बड़ी चिंता

पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गईहै। बाद में तेल की कीमत कुछ नीचे तो आई लेकिन बाजार में महंगे क्रूड ऑयल को लेकर चिंता बनी हुई है। जानकारी के अनुसार ब्रेंट एक समय 109.97 प्रति बैरल तक पहुंचा था और एक सप्ताह के दौरान करीब 10% के ऊपर हो गया था। हमारा देश भारत के लिए महंगा कच्चा तेल महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे देश का आयात खर्च बढ़ सकता है लंबे समय तक अगर तेल महंगा रहता है तो महंगाई और रुपए पर भी दबाव बढ़ने की आशंका टिकी रहती है।

महंगे तेल से ब्याज दरों का दबाव भी

कच्चे तेल की तेजी होने से वैश्विक लेवल पर महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ती हुई दिखाई दे रही है इसका असर बॉन्ड बाजार पर भी दिख रहा है। भारत में 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड 7% के ऊपर हो गई है जो 3 महीने से ज्यादा समय का ऊंचा लेवल हुआ करता था। अमेरिका में भी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड कारी 5% तक पहुंच गई है इससे निवेश करने वाले लोगों को वैश्विक लेवल पर ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका बड़ी रहती है।

किन सेक्टरों पर पड़ा हुआ है ज्यादा असर?

शुरुआती बिजनेस में फाइनेंशियल शेयर Sensex-Nifty stock में करीब 1.4% मेटल शेयर में 2.8% और ऑटो शेरों में 1.3% की गिरावट देखने को मिली है। वही ऊंचे क्रूड ऑयल प्राइस से संभावित लाभ उम्मीद में ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसे तेल स्टॉक में भी तेजी देखने को मिल रहीहै।

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आगे बाजार की नजर किन संकेतों पर टिकी है?

फिलहाल निवेश करने वाले लोगों की नजर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव कच्चे तेल की कीमत रुपए की चाल विदेशी निवेश और वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड पर रहने वाली है। Sensex-Nifty stock इस सप्ताह क्रमशः 2.7% और 2.9% के नीचे था और लगातार पांचवें सप्ताह के नुकसान की तरफ बढ़ रहा था। कुल मिलाकर मौजूद शेयर बाजार में गिरावट के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है पश्चिम एशिया का तनाव महंगा कच्चा तेल बढ़ती हुई महंगाई की चिंता आदि सब ने बाजार पर दबाव बनाया हुआ है।

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