अगर किसी व्यक्ति की एक आंख की रोशनी अचानक से कम हो जाती है या फिर धुंधली दिखाई देने लगती है तो इसे सिर्फ आंखों की परेशानी समझ कर ही नजर अंदाज नहीं कर देना चाहिए। हाल ही में सामने आई एक स्टडी के अनुसार Retinal Occlusion यानि रेटिना की रक्त वाहिका में रुकावट भविष्य में हार्ट अटैक के बड़े हुए खतरे का संकेत हो सकतीहै। ऐसे मरीजों के समय रहते स्वास्थ्य जांच जरूरी होती है।

Retinal Occlusion क्या है और क्यों होता है?
हम वैसी स्थिति को Retinal Occlusion कहते हैं जब आंख की रेटिना तक खून पहुंचने वाली धमनी में रुकावट आ जातीहै। इसके कारण आंख की रोशनी अचानक कम हो जाती या फिर पूरी तरह से चली जातीहै। यह एक मेडिकल इमरजेंसी होती है इसका सबसे आम कारण धमनियों में चर्बी का जमना, ब्लड क्लोट बनना, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी दिक्कतें होती है।
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इसकी नई स्टडी में क्या सामने आया?
हाल ही के रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों में रेटिनल आर्टरी एक्सक्लूजन हुआ है उनमें बाद में सालों में एक सैनिक स्ट्रोक या फिर हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा होता है। रिसर्च करने वाले लोगों का मानना है की आंख की ब्लू वाहिकाओं में रुकावट शरीर की अन्य धमनियों में मौजूद बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकती है। हालांकि यह अध्ययन केवल दोनों के बीच के रिलेशन को दिखाता है यह साबित नहीं करता है कि रेटिनल आक्लूजन सीधे स्ट्रोक का कारण है।
किन लोगों में अधिक है खतरा?
डॉक्टर के द्वारा दी जाने वाली जानकारी के अनुसार 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में, हाई ब्लड प्रेशर पेशेंट, डायबिटीज पेशेंट, हाई कोलेस्ट्रॉल , धूम्रपान करने वाले लोग, और पहले से हृदय रोग पीड़ित मरीजों में इसका खतरा ज्यादा देखने को मिलता है।
कौन-से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर मिलें?
अगर आपको एक आंख से अचानक कम दिखाई दे रहा है धुंधलापन सा महसूस हो रहा है या फिर देखने में कोई हिस्सा गायब सा लग रहा है। तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर इलाज से आंखों की छती को कम करने और आगे की जटिलताओं की जांच करने में मदद मिलतीहै।
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इसपर डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
Retinal Occlusion के पेशेंट को केवल आंखों की जांच करना पर्याप्त नहीं होता है। ऐसे मामलों में स्ट्रोक का रिस्क का आकलन हृदय की जांच, करॉटिड आर्टरी की जांच और ब्लड प्रेशर शुगर व कोलेस्ट्रॉल की जांच भी होनी चाहिए। समय पर पहचान और इलाज भविष्य में गंभीर हृदय और मस्तिष्क संबंधित बीमारियों के रिस्क को कम करने में मददकरती है।




