बंगाल में दोबारा वोटिंग: EVM पर टेप मिलने के बाद EC सख्त

Repoll in Bengal: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ पोलिंग बूथों पर EVM (Electronic Voting Machine) पर टेप लगाए जाने के आरोप के बाद दोबारा मतदान (Re-poll) हो रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Manoj Kumar Agarwal ने साफ कहा है कि जहां भी छेड़छाड़ (Tampering) के सबूत मिले, वहां दोबारा वोटिंग कराई जा रही है। इसी लिए 15 बूथों पर फिर से वोटिंग हो रही है

BJP का आरोप: चुनाव चिन्ह छिपाने की साजिश

Amit Malviya ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कुछ बूथों पर बीजेपी (BJP) के चुनाव चिन्ह को टेप से ढक दिया गया, जिससे वोटर्स उस पर वोट ही न कर सकें। यह मामला खासतौर पर फलता विधानसभा सीट (Falta Assembly Seat) से जुड़ा बताया जा रहा है।

इन बूथों पर दोबारा चुनाव

साउथ 24 परगना जिले के 142-मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों पर फिर मतदान हो रहा है. इनमें ये बूथ शामिल हैं-

  • 46 – उत्तर ईयरपुर पी.पी. स्कूल
    126 – नजरा एफ.पी. स्कूल
    127 – नजरा एफ.पी. स्कूल
    128 – देउला एफ.पी. स्कूल
    142 – घोला नोयापारा गर्ल्स हाई मदरसा
    214 – एकतारा मलाया एफ.पी. स्कूल
    215 – एकतारा मलाया एफ.पी. स्कूल
    216 – एकतारा मलाया धोरा एफ.पी. स्कूल
  • 230 – बहिरप्या कुरकुरिया एफ.पी. स्कूल
    231 – बहिरप्या कुरकुरिया एफ.पी. स्कूल
    232 – बहिरप्या कुरकुरिया एफ.पी. स्कूल
  • 117 – बागदा जूनियर हाई स्कूल
    179 – चांदा एफ.पी. स्कूल
    194 – हरिदेवपुर एफ.पी. स्कूल
    243 – रोयनगर एफ.पी. स्कूल

EC का बयान: Zero Tolerance Policy

Election Commission of India ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वेबकास्टिंग (Webcasting) और फील्ड रिपोर्ट्स के जरिए हर शिकायत की जांच की जा रही है।

उन्होंने साफ कहा—अगर किसी भी EVM पर काला या सफेद टेप पाया गया, तो उस बूथ पर तुरंत पुनर्मतदान कराया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर किसी पूरे विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ऐसी गड़बड़ी मिलती है, तो पूरे क्षेत्र में री-पोल (Re-poll) कराया जा सकता है।

TMC क्षेत्र में विवाद बढ़ा

फलता सीट पर Mamata Banerjee की पार्टी TMC (Trinamool Congress) के उम्मीदवार जहांगीर खान मैदान में हैं। यह सीट पहले से ही विवादों में रही है, और अब EVM टेप मामला आने के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

चुनाव आयोग के सख्त निर्देश

चुनाव आयोग ने पहले ही साफ निर्देश दिए थे कि मतदान से पहले सभी उम्मीदवारों के नाम और चिन्ह साफ दिखाई देने चाहिए। किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी चीज से ढकना गंभीर चुनावी अपराध (Serious Electoral Offence) माना जाएगा।

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