सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट पिछले 14 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण भीषण बाढ़ की चपेट में है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब पांच मीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे रामघाट और भारत घाट पर 400 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गई हैं। नयागांव राजमहल के अंदर तक पानी घुसने के कारण सड़कों पर नावें चल रही हैं। इस भारी जलभराव के चलते सतना-चित्रकूट मार्ग तीन स्थानों से बाधित हो गया है, मझगवां के पास रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से आनंद विहार-रीवा एक्सप्रेस ट्रेन को रोकना पड़ा है, और 25 फीट ऊंचा मुख्य पुल भी डूबने की कगार पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर, मारकुंडी क्षेत्र में टिकरिया डोंडा बांध के गेट के पास छेद होने से बांध टूटने की आशंका पैदा हो गई है। खतरे को भांपते हुए डोंडा माफी, लल्लू का पुरवा, चौकी पुरवा और अहिरान बस्तियों के ग्रामीणों ने अपने घर खाली कर सुरक्षित ठिकानों का रुख कर लिया है। गंभीर हालातों को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने प्रयागराज से एनडीआरएफ की टीम बुलाई है। सभी बाढ़ चौकियों और आपदा राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि एसडीआरएफ की टीमें निचले इलाकों में फंसे लोगों को लगातार सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार से तत्काल प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है। चित्रकूट में बिगड़ते हालात के बीच सतना कलेक्टर के प्रयासों से राज्य शासन द्वारा प्रयागराज से सेना के हेलीकॉप्टर मंगाए गए हैं, जिनकी मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब हवाई मदद ही सबसे कारगर विकल्प साबित हो रही है।




