Rajasthan Bus Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, इंदौर के 5 लोगों समेत 8 की मौत, बस-ट्रेलर में लगी आग

Rajasthan Bus Accident: राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर ऋषिकेश से इंदौर लौट रही हंस ट्रेवल्स (Hans Travels) की स्लीपर बस ट्रेलर से टकराने के बाद भीषण आग (Fire Accident) की चपेट में आ गई। इस दर्दनाक हादसे में इंदौर के 5 यात्रियों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए और घायल हो गए।

Rajasthan Bus Accident: राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे (Road Accident) ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। ऋषिकेश से तीर्थयात्रा (Pilgrimage) कर इंदौर लौट रही हंस ट्रेवल्स (Hans Travels) की स्लीपर बस आगे चल रहे एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते दोनों वाहनों में आग (Fire Accident) लग गई। इस दर्दनाक हादसे में इंदौर के पांच लोगों समेत कुल आठ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य यात्री झुलस गए और घायल हो गए।

रात 2:30 बजे हुआ दर्दनाक हादसा

पुलिस के अनुसार यह हादसा मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे कोलवा थाना क्षेत्र के तनावड़ जीरो पॉइंट के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बस चालक को सफर के दौरान नींद की झपकी (Driver Fatigue) आ गई, जिससे तेज रफ्तार बस आगे चल रहे ट्रेलर से पीछे जा टकराई। टक्कर के तुरंत बाद आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया और अधिकांश यात्री संभलने का मौका भी नहीं पा सके।

आग में जिंदा जले कई यात्री

हादसे के बाद बस में आग तेजी से फैल गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पांच यात्रियों की मौत आग में जिंदा जलने से हुई, जबकि तीन अन्य ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हादसे में घायल 22 यात्रियों को तत्काल दौसा जिला अस्पताल (District Hospital) पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

इंदौर में पसरा मातम

हादसे की सूचना मिलते ही इंदौर में मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। सभी यात्री ऋषिकेश से धार्मिक यात्रा पूरी कर अपने घर लौट रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दर्दनाक आपबीती

बस में सवार यात्रियों ने हादसे का भयावह मंजर बताते हुए कहा कि टक्कर के बाद कुछ ही क्षणों में बस धुएं से भर गई। उन्होंने किसी तरह खुद को बाहर निकाला, लेकिन उनकी पत्नी का पैर सीट में फंस गया था। काफी कोशिशों के बावजूद वे उन्हें बाहर नहीं निकाल सके और देखते ही देखते वह बेहोश हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग (Highway Patrol) को सूचना देने के बावजूद करीब एक घंटे तक कोई राहत दल (Rescue Team) मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि यदि समय पर बचाव कार्य शुरू हो जाता, तो कई और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

हादसे की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच (Technical Investigation) कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन मृतकों की पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है।

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