रीवा जिले में आगामी गणेशोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। शहर के मूर्तिकार भगवान श्रीगणेश की मनमोहक और आकर्षक प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात जुटे हुए हैं। शहर की मुख्य कार्यशालाओं जैसे शिल्पी कॉलोनी, धोबिया टंकी और सिरमौर चौराहा स्थित निर्माण स्थलों पर छोटे से लेकर विशालकाय गजानन की मूर्तियों को तराशने और उनकी साज-सज्जा का काम युद्धस्तर पर जारी है।
इस बार पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में विशेष जागरूकता देखने को मिल रही है। प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के मुकाबले इस साल मिट्टी से तैयार इको-फ्रेंडली और प्राकृतिक रंगों से रंगी गई प्रतिमाओं की मांग बाजार में सबसे ज्यादा है। मूर्तिकार भी पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए केवल शाकीय और प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग कर रहे हैं।
त्योहार को लेकर सार्वजनिक पूजा समितियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। समितियों द्वारा शहरभर में भव्य पंडालों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही स्थानीय बाजार भी रंग-बिरंगे सजावटी सामानों, विद्युत झालरों और पूजा सामग्री से पूरी तरह सज चुके हैं, जिससे पूरा रीवा शहर प्रथम पूज्य भगवान गणेश के स्वागत में अभी से भक्तिमय रंग में रंग गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। दस दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का विधिवत समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होगा।




