बालाघाट। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी बालाघाट आकर वही कह गए, जिसकी उम्मीद थी। वे बेहद गंभीर दिखाई नहीं दिए और यह भूल गए कि राहुल गांधी जी उसी कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसने बालाघाट और आसपास के इलाके को पशुपति, नेपाल से लेकर तिरुपति तक के उस रेड कॉरिडोर का हिस्सा बना दिया था, जो नक्सलवाद के लिए कुख्यात था।
यूपीए सरकार में नक्सलवाद को बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि नक्सलवाद को सबसे ज्यादा बढ़ावा तब मिला, जब देश में यूपीए की सरकार थी। 2004 से 2014 के बीच नक्सलवाद काफी फला-फूला। यहाँ तक कि जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, वर्ष 1999 में नक्सलियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने दिग्विजय सिंह जी की सरकार के गृह मंत्री स्वर्गीय लिखीराम कावरे जी के घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी। हम कल्पना कर सकते हैं कि जब किसी इलाके में नक्सलवाद का इतना दुस्साहस रहा होगा, तो उस दौरान उस इलाके में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की क्या स्थिति रही होगी?
राहुल गांधी को पीएम मोदी का धन्यवाद करना चाहिए
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहिए। जिस इलाके में वे आज गए थे, यदि उस इलाके में नक्सलवाद को दिसंबर 2025 में जड़ से समाप्त नहीं किया गया होता, तो शायद वे उस इलाके में जाने की स्थिति में भी नहीं होते। आज जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए पूरा प्रयास किया है, तो उसका उद्देश्य यही था कि वहाँ बुनियादी सुविधाएँ आम नागरिक तक पहुँचाई जा सकें। इसीलिए आज वहाँ विकास और सुविधाओं की स्थिति में सुधार संभव हो पाया है।
इस तरह की लाई गई योजनाएं
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि उस इलाके के लोगों का जनजीवन कैसे पटरी पर लाया जा सके, इसके लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएँ शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों में बैगा, सहरिया और भारिया के लिए अनेक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। जिस इलाके में कभी लाल झंडे लहराते थे, आज वहाँ मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। मोबाईल कनेक्टिविटी पहुँचाई जा रही है। सड़कें बनाई जा रही हैं, अस्पताल खोले जा रहे हैं और आंगनबाड़ी केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है।
बालाघाट की सुविधाओं पर सरकार कर रही काम
राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि बालाघाट की एक घटना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। लेकिन नक्सलवाद समाप्त करने के बाद वहाँ इस प्रकार की सुविधाओं का विस्तार तेजी से कैसे हो, इसके लिए मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है। हजारों लोगों की वहाँ स्क्रीनिंग की जा रही है। इन दो विकासखंडों में, जो लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे हैं, 45,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। शायद जीवन में पहली बार उस इलाके में इस प्रकार की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हुई है।
महिलाओं और बच्चों के लिए आंगनबाड़ी के नए केंद्र खोले गए हैं। 10 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तित किया गया है और 20-बेड के अस्पतालों की सुविधा विकसित की गई है। आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम किया जा रहा है। आजादी के इतने वर्षों बाद यदि किसी ने इस दिशा में व्यापक काम किया है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। मेडिकल मोबाइल यूनिट वहाँ चलाई जा रही हैं। सुरक्षा की स्थिति को बेहतर करने का काम किया जा रहा है।
राहुल गांधी गंभीर नही
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी ने एक शब्द भी नहीं कहा कि यदि आप वास्तव में गंभीर होते, तो जिन लोगों ने समस्या का समाधान किया है, उनके प्रयासों के लिए आपको धन्यवाद देना चाहिए था। जिनके पास समस्या का समाधान नहीं होता, वे स्वयं ही एक समस्या बन जाते हैं। कांग्रेस पार्टी इसका उदाहरण है।
यह इनकी एकमात्र मंशा है
राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि कांग्रेस के लोग जब सत्ता से बाहर होते हैं, तो उसी प्रकार छटपटाते हैं, जिस प्रकार मछली पानी के बाहर आकर छटपटाती है। लेकिन जब ये सत्ता में होते हैं, तो गाँव, गरीब, किसान और देश के विकास की चिंता नहीं करते हैं। इसलिए राहुल गांधी जी का यह बालाघाट भ्रमण देर से किया गया भ्रमण है और उस समस्या की याद दिलाने वाला भ्रमण है, जिसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार रही है।




