Brijbhushan Sharan Singh : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव और राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इस बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अपने रिश्तों पर बात की।
गुरुवार को अयोध्या पहुंचे बृजभूषण सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव से उनके पुराने और व्यक्तिगत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले समाजवादी पार्टी से सांसद रह चुके हैं और अखिलेश यादव को अच्छा व्यक्ति मानते हैं। उनके मुताबिक, अखिलेश उनकी तारीफ करते हैं तो वह भी उनकी तारीफ करते हैं। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते।
बृजभूषण सिंह ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के रिश्तों को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि वह भाजपा में हैं और अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं।
‘न अखिलेश मेरी बुराई करते हैं, न मैं उनकी’ – बृजभूषण शरण सिंह
अयोध्या में मीडिया से बातचीत में बृजभूषण सिंह ने कहा कि उनके और अखिलेश यादव के बीच पुराने संबंध हैं। उन्होंने दोहराया कि अखिलेश उनकी तारीफ करते हैं तो वह भी उनकी तारीफ करते हैं और दोनों एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते। यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में दोनों नेताओं की बातों के बाद उनके रिश्तों को लेकर चर्चा हो रही है। इससे पहले अखिलेश यादव भी बृजभूषण सिंह के साथ अच्छे संबंध होने की बात कह चुके हैं।
‘विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा’ – बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा कि वह आने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह पहले भी 2027 का चुनाव न लड़ने की बात कह चुके हैं। गुरुवार को दिल्ली से अयोध्या पहुंचे बृजभूषण सिंह का हवाई अड्डे पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान उनसे अखिलेश यादव को लेकर दिए गए हाल के बयानों पर भी सवाल पूछे गए।
बृजभूषण ने भाजपा छोड़ने या सपा में जाने की बात नहीं कही
अखिलेश यादव की तारीफ करने और उनसे अपने पुराने संबंधों की बात कहने के बावजूद बृजभूषण सिंह ने भाजपा छोड़ने या समाजवादी पार्टी में शामिल होने का कोई ऐलान नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह भाजपा में हैं और अखिलेश यादव सपा में हैं।
कुछ दिन पहले बृजभूषण सिंह ने कहा था कि अखिलेश यादव के बिना उत्तर प्रदेश की राजनीति ‘सूनी’ लगती है। इसके बाद दोनों के बीच संभावित राजनीतिक मेल को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अपने ताजा बयान में उन्होंने व्यक्तिगत संबंधों और राजनीतिक भूमिका को अलग बताया।




