रीवा। रीवा पुलिस ने एक बार फिर वर्दी की शान को कलंकित कर दिया है। मनगवां थाने में तैनात थाना प्रभारी (टीआई) गजेंद्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव और बृजकिशोर आहिरवार ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से जब्त सोने के जेवर अवैध रूप से अपने पास रख लिए। आरोपी की पत्नी ने जब इन जेवरों की मांग की तो पुलिसकर्मियों ने उनके गहने लौटाने के बजाए उन्हे बाहर का रास्ता दिखा दिए।
एसपी ने कराई जांच
महिला की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह ने प्रोबेशनर आईपीएस अधिकारी को जांच सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत ने खुलासा किया कि जांच में पाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कोई आवश्यकता न होने पर भी सोने के जेवर अवैध तरीके से अपने कब्जे में रखे थे। आईजी के अनुसार, आरोपी के जेवर वापस लौटा दिए गए हैं।
टीआई समेत पुलिस कर्मी सस्पेंड
ज्ञात होक रीवा जिले के थाना मनगवां में एनडीपीएस एक्ट एवं 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम में जो कार्यवाही की गई थी। उसमें अनियमितता की शिकायत पुलिस अधिकारियों तक पहुची थी। इसे पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए जांच करवाई और जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव, आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया में गलत एवं संदिग्ध पाया गया। जिसके बाद तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
पुलिस महकमें में खलबली
टीआई समेत पुलिस आरक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई किए जाने से पुलिस महकमें में खलबली मच गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार संबंधित प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच के बाद यह कदम उठाया है। बताया जाता है की कर्तव्य में लापरवाही और विभागीय अनुशासनहीनता को लेकर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अनुशासनहीनता या कदाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
