Arunachal Pradesh on Census Portal : जनगणना पोर्टल का नया कारनामा, अब में अरुणाचल प्रदेश को बताया चीन का हिस्सा

Arunachal Pradesh on Census Portal : देश में जनगणना के पहले चरण का कार्य जोरों पर है, लेकिन इस बीच एक बड़ी गलती ने सबका ध्यान आकर्षित किया है। जनगणना पोर्टल ने अब एक नया कारनामा कर दिया है। जनगणना पोर्टल में अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बता दिया है। यानी भारतीय जनगणना पोर्टल में अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा ही नहीं है। हालांकि सरकार ने मामला सामने आने पर ही गलती सुधार ली है।

अरुणाचल प्रदेश को बताया चीन का हिस्सा 

दरअसल, जनगणना के स्वगणना पोर्टल पर अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट इलाके को चीन के मेडोग इलाके के रूप में दिखाया गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे भारत की संप्रभुता से जोड़कर सवाल उठाने लगे। इस गलती को रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी मोहोंतो पांगिंग पाओ ने पकड़कर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। 

लोकेशन गलत दिखाने पर जनता चौंक गई 

जनगणना पोर्टल पर पासीघाट की लोकेशन गलत दिखने से स्थानीय लोग और देशवासी असमंजस में पड़ गए। कई लोग इसे सिर्फ तकनीकी भूल नहीं, बल्कि देश की जमीन से जुड़े संवेदनशील मुद्दे के रूप में देख रहे थे। इस गलती को चीन का क्षेत्र मानकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे ‘वर्चुअल तरीके से जमीन छोड़ने’ जैसी कहानियों से जोड़ दिया। 

सरकार ने कहा- यह सिर्फ एक तकनीकी त्रुटि थी

अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तुरंत ही कार्रवाई की। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने बताया कि यह समस्या मैप सेवा देने वाली कंपनी के साथ समन्वय कर उसी दिन ठीक कर दी गई है। सरकार ने साफ किया कि यह सिर्फ एक तकनीकी त्रुटि थी, जो जल्द ही सुधार ली गई है। 

कैसे सामने आया ये मामला?

गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया है जब भारत पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की ओर कदम बढ़ा रहा है। अब लोगों को ऑनलाइन अपनी जानकारी भरनी है, लेकिन इस छोटी सी गलती ने दिखा दिया कि डिजिटल सिस्टम में भी छोटी से छोटी चूक बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है। 

वहीं, एक और दिलचस्प बात यह है कि जनगणना 2027 के FAQ सेक्शन में इस सवाल का भी जवाब दिया गया है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा या नहीं। इसमें बताया गया है कि यदि कोई जोड़ा लिव-इन में रहता है, तो उसे शादीशुदा नहीं माना जाएगा, बल्कि वह अपने रिश्ते को स्थिर बंधन के रूप में देख सकता है। 

हालांकि, सरकार ने त्वरित कार्रवाई कर इस गलती को सुधार लिया है।

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