रीवा। शासन स्तर पर चार प्रमुख मांगों को लेकर हुई सकारात्मक वार्ता और मिले ठोस आश्वासनों के बाद मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने अपनी प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है। हड़ताल वापस लिए जाने की घोषणा के साथ ही रीवा जिले सहित पूरे प्रदेश के पटवारी तुरंत अपने काम पर वापस लौट आए हैं, जिससे बीते कई दिनों से ठप पड़े प्रशासनिक और राजस्व कार्यों को गति मिल सकेगी।
दो मांगों पर जारी हुए आदेश, नायब तहसीलदार परीक्षा पर भी बनी सहमति
पटवारी संघ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, आंदोलन के बीच शासन के साथ लगातार चली बातचीत के सुखद परिणाम सामने आए हैं। सरकार ने पटवारियों की चार प्रमुख मांगों में से दो मांगों पर तत्काल आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, विभागीय नायब तहसीलदार परीक्षा के विधिवत और नियमानुसार प्रकाशन सहित अन्य शेष मांगों पर भी शासन स्तर से लिखित व मौखिक रूप से सकारात्मक सहमति जताई गई है।
03 अगस्त से ठप थे राजस्व कार्य, आमजन थे परेशान
उल्लेखनीय है कि मांगों के निराकरण की मांग को लेकर पटवारी संघ ने 03 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन ‘कलमबंद हड़ताल’ शुरू की थी। इस हड़ताल के कारण रीवा जिले के सभी तहसीलों और अंचलों में राजस्व कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था। जमीन का नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण पंजी में दर्ज प्रविष्टियाँ, तथा आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने जैसे अति आवश्यक कार्यों के लिए आम जनता और किसानों को कलेक्ट्रेट व तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे थे।

जिलेवासियों को मिलेगी राहत
संघ द्वारा 07 अगस्त को हड़ताल स्थगित किए जाने के बाद अब रीवा जिले के सभी पटवारियों ने अपने-अपने हल्कों में मोर्चा संभाल लिया है। पटवारियों के काम पर लौटने से आम जनता को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल की वजह से जो मामले लंबित हो गए थे, उनका प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकरण कराया जाएगा।




