NSE IPO: सभी अनलिस्टेड शेयरधारकों को हो सकता है कागजी नुकसान..

NSE IPO: Unlisted shareholders may face notional losses.

NSE IPO यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की बहु प्रतीक्षित आईपीओ से पहले इसकी संभावित कीमत को लेकर बाजार में हलचल का माहौल बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार शेयर का भाव 17 सो रुपए से 1785 रुपए के बीच में देखा जा सकता है। यह कीमत अनलिस्टेड बाजार में हाल ही के भाव से थोड़ी कम है जिससे कुछ निवेश करने वाले लोगों को कागजी नुकसान देखने को मिल सकते हैं।

एनएसई आईपीओ की कीमत कितनी तक हो सकती है?

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इस आईपीओ के लिए ₹1700 से लेकर 1785 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर विचार हो रहा है, ये पहले बताई गई ₹2000 से लेकर 2100 रुपए की संभावित रेंज से काफी कम है। हालांकि यहां भी रिपोर्टेड प्रस्ताव हुई है और अंतिम प्राइस बैंड की ऑफिशियल घोषणा अभी बाकी है। अगर ऊपरी प्राइस 1750 रुपए रहती है और करीब 5.5% की हिस्सेदारी बेची जाती है। तो NSE IPO का मूल्यांकन लगभग 4.42 लाख करोड रुपए तक हो सकता है। इस लेवल पर इसके इशू से करीब 24300 करोड रुपए जुटाने की संभावना बताई जा रही है।

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अनलिस्टेड शेयरधारकों को अब क्यों हो सकता है नुकसान?

NSE IPO से पहले अनलिस्टेड बाजार में इससे ज्यादा कीमत पर बिजनेस हो रहा था 9 सितंबर की एक रिपोर्ट के अनुसार इसके शेयर का आखिरी ऑफ मार्केट भाव करीब 2,045 रुपए पर टिका हुआ था। ऐसे में अगरआईपीओ की ऊपरी संभावित कीमत 1785 रुपए रहती है तो दोनों के बीच लगभग 260 रुपए प्रति शेयर का डिफरेंस देखने को मिलेगा। लेकिन इसे सीधे वास्तविक नुकसान का देना सही नहीं होगा जब तक निवेश करने वाले लोग अपना शेयर भेज नहीं देते हैं तब तक यह कागजी या संभावित नुकसान ही है। इसकी लिस्टिंग होने के बाद बाजार में nse के शेयर की कीमत आईपीओ के भाव से ऊपर या फिर नीचे जाती हुई देखी जा सकती है।

पहले से खरीदे शेयरों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

आप ऐसा मान लीजिए कि किसी भी निवेश करने वाले व्यक्ति ने NSE IPO का अनलिस्टेड शेयर 2050 रुपए में खरीदा है और आईपीओ का अंतिम भाव 1785 रुपए ही रहता है तो ऐसी स्थिति में शुरुआती लेवल पर करीब 265 रुपए प्रति शेयर का अंतर देखने को मिलेगा। वहीं अगर किसी निवेश करने वाले व्यक्ति की खरीद कीमत इससे भी ज्यादा होती है तो अंतर और बढ़ता हुआ दिखाई दे सकता है। हालांकि अंतिम लाभ या फिर नुकसान का पता तभी चल पाएगा जब शेयर की वास्तविक कीमत और निवेशक के बिक्री की कीमत सामने देखने को मिलेगी।

NSE IPO अब कब आ सकता है?

आईपीओ के लिए सेबी से 4 सितंबर 2026 के लिए मंजूरी मिल चुकी है ताजा रिपोर्ट के अनुसार इसका इशू सितंबर के दूसरे सप्ताह में देखने को मिल सकता है। लेकिन इसकी कीमत तारीख और यीशु का अंतिम आकार ऑफिशियल घोषणा के बाद ही निर्धारित हो पाएगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल आधारित है जिसका मतलब है कि इसमें मौजूद शेरधारक अपने शेयर बचेंगे और NSE IPO खुद शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटा पाएगा।

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निवेशक को अब क्या समझना चाहिए?

सबसे जरूरी बात यह होती है कि ₹1700 से लेकर 1785 रुपए अभी संभावित कीमत बताई गई है फाइनल प्राइस बैंड अभी नहीं बताया गया है। इसलिए केवल इस अंतर के आधार पर यह निष्कर्ष निकाल लेना सही नहीं होगा कि अनलिस्टेड शेयर धारक को निश्चित रूप से नुकसान होने वाला है। इस आईपीओ का अंतिम भाव लिस्टिंग प्राइस और उसके बाद बाजार में होने वाले बिजनेस ही बताया कि निवेश करने वाले लोगों को कितना फायदा या नुकसान हुआ है।

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