शुभ मुहूर्त। पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) की समाप्ति के साथ ही विवाह समारोहों का दौर शुरू होने जा रहा है। लंबे समय से मांगलिक कार्यों पर लगी रोक अब समाप्त होगी। घर आंगन में एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में जून-जुलाई के दौरान विवाह के लिए शुभ-मुहूर्त है। इसके तुरंत बाद चातुर्मास और देवशयनी एकादशी के कारण कुछ महीनों तक शादियां वर्जित रहेंगी, और फिर सीधे नवंबर और दिसंबर के महीनों में विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे।
15 जून को समाप्त होगा पुरुषोत्तम मास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास में विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इसलिए इसके समाप्त होते ही लोग शुभ मुहूतों का इंतजार करते हैं। अधिकमास 15 जून को समाप्त होगा। इसके तीन दिन बाद, 19 जून से विवाह मुहूर्त प्रारंभ हो जाएंगे, जो कि 15 जुलाई तक विवाह मुहूर्त है। जुलाई के मध्य के बाद शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा, चातुर्मास के बाद सीधे सर्दियों में शहनाई बजेगी।
जाने कब है शुभ मुहूर्त
जून माह की प्रमुख तिथियां- पंचांग के अनुसार इस महीने के 19 और 20 जून को शुभ लग्न हैं।
जुलाई माह के प्रमुख तिथियां- 02, 03, 04, 09, 11, 12, 13, 14 और 15 जुलाई को विवाह के उत्तम लग्न हैं।




