मध्य प्रदेश के सतना जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने सतना नगर निगम में पदस्थ एक सुपरवाइजर को सफाई कर्मी से हाजिरी सुधारने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
क्या है पूरा मामला?
लोकायुक्त कार्यालय रीवा से मिली जानकारी के अनुसार, सतना शहर के वार्ड नंबर 39, महात्मा गांधी वार्ड निवासी राजकिशोर समुंद्रे पिता नंद किशोर समुंद्रे, उम्र 33 वर्ष नगर निगम सतना में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं और उनकी ड्यूटी वार्ड नंबर 15 में है। नियम के अनुसार, सुपरवाइजर द्वारा रजिस्टर में हाजिरी चढ़ाकर कार्यालय भेजने के बाद ही सफाई कर्मियों का मासिक वेतन उनके खातों में आता है।
आवेदक राजकिशोर ने सितंबर माह में कुल 25 दिन कार्य किया था, लेकिन नगर निगम के सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी द्वारा उनकी हाजिरी कम दर्ज की गई थी। जब सफाई कर्मी ने इस संबंध में सुपरवाइजर से बात की, तो उसने सही हाजिरी लगाने और वेतन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में 3,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
सत्यापन के दौरान पहले ही ले चुका था 1,000 रुपये
महज लगभग 10,000 रुपये मासिक वेतन पाने वाले गरीब सफाई कर्मी से रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर, आवेदक ने रीवा पहुंचकर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के समक्ष मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर एसपी के निर्देशानुसार लोकायुक्त टीम द्वारा इसका गोपनीय सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान ही आरोपी सुपरवाइजर द्वारा आवेदक से 1,000 रुपये की रिश्वत प्राप्त कर ली गई थी, जिससे शिकायत प्रथम दृष्ट्या सही पाई गई।
आज दिनांक को हुई ट्रैप कार्रवाई
सत्यापन के बाद आज यानी 18 अक्टूबर को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप टीम का गठन किया गया। रीवा लोकायुक्त कार्यालय के निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में टीम ने सतना में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकृष्ण आदिवासी पिता छोटेलाल आदिवासी, उम्र 30 वर्ष, वर्तमान निवासी हनुमान नगर नई बस्ती, सतना को सतना के बिरला हॉस्पिटल के सामने शिकायतकर्ता से शेष 2,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। लोकायुक्त रीवा की टीम द्वारा इस मामले में आगे की वैधानिक और अग्रिम अनुसंधान कार्रवाई की जा रही है। इस सफल कार्रवाई से नगर निगम के भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मच गया है।




