MP: उच्च शिक्षा में डिजिटल क्रांति, AI, डिजिटल मूल्यांकन और एकीकृत आईडी की तैयारी

MP Higher Education: मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। विभाग एआई आधारित शिक्षण (AI-based Education), डिजिटल कॉपी जांच, अपार आईडी (APAR ID), ऑनलाइन उपस्थिति तथा परीक्षा पैटर्न (Evaluation Pattern) में बदलाव जैसे महत्वपूर्ण सुधारों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

MP Higher Education: मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) आने वाले समय में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े बदलाव करने जा रहा है। विभाग का मुख्य फोकस अब एआई आधारित शिक्षण (AI-based Learning), डिजिटल मूल्यांकन, ऑनलाइन उपस्थिति और विद्यार्थियों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान (Digital Academic Identity) पर है। हाल ही में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में इन सुधारों की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, तेज और विद्यार्थी-केंद्रित बनेगी।

परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 100% डिजिटल वैलिडेशन

सबसे महत्वपूर्ण सुधार परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में होने वाला है। विभाग अब उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) के शत-प्रतिशत डिजिटल वैलिडेशन (Digital Validation) की ओर बढ़ रहा है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद कॉपियों की जांच अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध हो सकेगी। इससे न सिर्फ परिणाम घोषणा में होने वाली देरी कम होगी बल्कि मूल्यांकन संबंधी शिकायतों में भी काफी कमी आने की उम्मीद है।

मूल्यांकन अनुपात में बदलाव की तैयारी

उच्च शिक्षा विभाग वर्तमान 30:70 (आंतरिक: लिखित) मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा कर रहा है। इसे 40:60 अनुपात में बदलने पर गंभीर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो विद्यार्थियों की नियमित कक्षा उपस्थिति, प्रोजेक्ट वर्क (Project Work) और क्लासरूम पार्टिसिपेशन (Classroom Participation) को ज्यादा महत्व मिलेगा, जो समग्र विकास पर जोर देगा।

कॉलेजों में बढ़ेगा AI का दायरा

विभाग उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) को मुख्यधारा में लाने की दिशा में काम कर रहा है। विभिन्न महाविद्यालयों में AI से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स (AI Certificate Courses) शुरू किए जा रहे हैं। इन कोर्स के जरिए विद्यार्थी नई तकनीकों से परिचित होंगे और भविष्य की जॉब मार्केट (Job Market) की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे। साथ ही एआई टूल्स के नैतिक एवं रचनात्मक उपयोग (Responsible AI Usage) पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

हर छात्र को मिलेगी डिजिटल पहचान

एक और बड़ा कदम अपार आईडी (APAR ID) बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है। इस डिजिटल आईडी के माध्यम से हर विद्यार्थी का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड (Academic Record) एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया, अंकसूची, डिग्री सत्यापन और अन्य शैक्षणिक सेवाएं आसान और पारदर्शी हो जाएंगी।

‘सार्थक ऐप’ से ऑनलाइन उपस्थिति

विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘सार्थक ऐप’ (Sarthak App) आधारित बायोमेट्रिक और जियो-टैग्ड उपस्थिति प्रणाली (Geo-tagged Attendance System) लागू करने की तैयारी है। इससे कॉलेज प्रशासन को रियल-टाइम निगरानी (Real-time Monitoring) में आसानी होगी।

भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम का विस्तार

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप विभाग तेलुगु, तमिल, मराठी समेत कई भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसका मकसद विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा या पसंदीदा भाषा में शिक्षा उपलब्ध कराना है. उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, “तकनीक आधारित शिक्षा केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक अवसरों (Global Opportunities) से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। हमारा लक्ष्य महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है ताकि शिक्षा में पारदर्शिता, गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।”

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