Consensual Rape Quashed: दलील दी गई कि दोनों वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध पूरी तरह सहमति से थे। शिकायतकर्ता महिला एक विवाहित महिला है, जिसकी एक छोटी बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस कानूनी स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ थी कि तलाक मिलने तक वह कहीं और विवाह नहीं कर सकती। महिला ने कटनी महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया कि आवेदक ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और तलवार की नोंक पर दुष्कर्म किया।
Consensual Rape Quashed: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि दो वयस्क व्यक्ति आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बनाते हैं और बाद में उनके बीच विवाद हो जाता है या रिश्ता बिगड़ जाता है, तो महिला द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराना उचित नहीं है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने कटनी जिले के मुकेश ठकुरानी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया।
सहमति से बने संबंध, बाद में विवाद
मामले में आवेदक मुकेश ठकुरानी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त और अधिवक्ता ईशान दत्त ने पक्ष रखा। शिकायतकर्ता महिला ने कटनी महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आवेदक ने तलवार की नोंक पर दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। कोर्ट में दलील दी गई कि आवेदक और उसकी पत्नी अलग-अलग रहते हैं। वर्ष 2019 में कोर्ट में काम के दौरान मुकेश की मुलाकात शिकायतकर्ता महिला से हुई, जो खुद भी अपने पति से अलग रह रही थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और सहमति से शारीरिक संबंध बने।
झूठे वादे का आरोप खारिज
कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। आवेदक की ओर से दावा किया गया कि संबंध पूरी तरह सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से अच्छी तरह अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह कहीं और विवाह नहीं कर सकती। कोर्ट ने पाया कि शादी का झूठा वादा कर रिश्ते में फुसलाने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ। आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप पर साइबर सेल की जांच में कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
कोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति बीपी शर्मा ने कहा कि सहमति से बने रिश्ते को बाद में विवाद के आधार पर दुष्कर्म का मामला बनाना उचित नहीं है। इस आधार पर कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोप में दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया।
