Akhilesh Yadav Sarcastic Post On Congress: तमिलनाडु (Tamil Nadu) की राजनीति में मचे घमासान के बीच समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ऐसा दांव चला है, जिसने कांग्रेस (Congress) को सीधे निशाने पर ला दिया है। अखिलेश ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और डीएमके (DMK) चीफ एमके स्टालिन (MK Stalin) के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए ऐसा संदेश दिया, जिसे राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस पर बड़ा हमला माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X Social Media Platform) पर पोस्ट करते हुए लिखा —
“हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।”
बस इसी एक लाइन ने इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के भीतर चल रही खींचतान को खुलकर सामने ला दिया। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह पोस्ट सीधे तौर पर कांग्रेस (Congress) के उस फैसले पर तंज है, जिसमें उसने तमिलनाडु (Tamil Nadu Assembly Politics) में डीएमके का साथ छोड़कर अभिनेता विजय (Actor Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (Tamilaga Vetri Kazhagam – TVK) का समर्थन कर दिया।
दरअसल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (Tamil Nadu Election Result 2026) में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी था। ऐसे में कांग्रेस (Congress Support To TVK) ने डीएमके से दूरी बनाकर विजय को समर्थन देने का फैसला लिया।
कांग्रेस के इस कदम के बाद डीएमके (DMK vs Congress) बेहद नाराज हो गई। पार्टी ने यहां तक कह दिया कि विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc Crisis) अब practically खत्म हो चुका है। डीएमके सांसद कनिमोझी (Kanimozhi) ने भी अखिलेश यादव के पोस्ट को शेयर करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन जताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह पोस्ट सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति (National Opposition Politics) में क्षेत्रीय दलों (Regional Parties Unity) की नई लाइन खींचने की कोशिश है। संदेश साफ है कि समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल कांग्रेस जैसे दल खुद को “विश्वसनीय सहयोगी” के तौर पर पेश करना चाहते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Politics) में भी हलचल बढ़ा दी है। क्योंकि लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election Alliance) में साथ लड़ने वाली कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों पर अब सवाल उठने लगे हैं। अगर तमिलनाडु जैसा विवाद बढ़ता है, तो इसका असर दूसरे राज्यों में विपक्षी एकजुटता (Opposition Alliance Future) पर भी पड़ सकता है।
उधर विजय (Vijay CM Tamil Nadu) लगातार राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर (Governor Rajendra Arlekar) से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन राज्यपाल ने फिलहाल साफ कहा है कि पहले 118 विधायकों का समर्थन पत्र लाया जाए, तभी सरकार गठन पर फैसला होगा।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कांग्रेस का यह दांव दक्षिण भारत (South India Political Shift) में उसे फायदा देगा, या फिर इससे विपक्षी गठबंधन में और बड़ी दरार पैदा होगी।




