MP Electricity Bill: बिजली उपभोक्ताओं को राहत, फ्यूल सरचार्ज घटा, अब हर महीने कम आएगा बिजली बिल

MP Electricity Bill: मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers) के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने बिजली बिल में वसूले जाने वाले फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एग्रीमेंट (FPPPA) सरचार्ज में 2.81 प्रतिशत की कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल (Electricity Bill) में कमी आएगी, जिससे उन्हें हर महीने कुछ आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

MP Electricity Bill: मध्य प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers) के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने बिजली बिल में वसूले जाने वाले फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एग्रीमेंट सरचार्ज (Fuel Cost and Power Purchase Agreement Surcharge) में बड़ी कटौती की है। अब यह सरचार्ज घटाकर 1.10 प्रतिशत कर दिया गया है। नए निर्णय के बाद हर महीने आने वाले बिजली बिल (Electricity Bill) में उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

6% से घटकर 1.10% हुआ सरचार्ज

बिजली कंपनियां पिछले कुछ महीनों से फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एग्रीमेंट (FPPPA) सरचार्ज में लगातार कटौती कर रही हैं। अप्रैल तक यह सरचार्ज 6 प्रतिशत था, जिसे पहले घटाकर 3.91 प्रतिशत किया गया। अब इसमें फिर कमी करते हुए इसे केवल 1.10 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में सीधा असर दिखाई देगा।

कितनी होगी बिजली बिल में बचत?

  • 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को करीब 30 रुपये की बचत होगी।
  • 300 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिल लगभग 40 रुपये कम आएगा।
  • 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने पर करीब 55 रुपये की राहत मिलेगी।
  • 500 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग 70 रुपये तक की कमी आ सकती है।

इस संबंध में मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी (MP Power Management Company) ने आधिकारिक सर्कुलर भी जारी कर दिया है।

बिजली बिल में किन-किन मदों का जुड़ता है शुल्क?

बिजली उपभोक्ताओं के मासिक बिल में केवल बिजली की खपत का शुल्क ही नहीं, बल्कि कई अन्य चार्ज भी शामिल होते हैं। सबसे पहले एनर्जी चार्ज (Energy Charge) जोड़ा जाता है, जो उपभोक्ता द्वारा इस्तेमाल की गई बिजली यूनिट के आधार पर तय होता है। इसकी दरें हर वर्ष बिजली कंपनियों द्वारा निर्धारित की जाती हैं। इसके अलावा फिक्स चार्ज (Fixed Charge) भी लिया जाता है, जो बिजली कनेक्शन के लोड (Load) पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता के घर का लोड 3 किलोवाट है, तो उसे हर महीने कम से कम 390 रुपये का फिक्स चार्ज देना पड़ता है।

इन चार्जों का भी पड़ता है असर

बिजली बिल में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी (Electricity Duty) भी शामिल होती है। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 100 यूनिट तक है तो एनर्जी चार्ज पर लगभग 9 प्रतिशत ड्यूटी लगती है। वहीं 100 यूनिट से अधिक खपत होने पर यह शुल्क करीब 12 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इसके अलावा बिल में टीओडी (Time of Day – TOD) रिबेट और सरचार्ज जैसी व्यवस्थाएं भी लागू होती हैं। कई मामलों में ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) करने पर उपभोक्ताओं को अतिरिक्त छूट (Rebate) का लाभ भी मिलता है।

उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहत

सरचार्ज में की गई यह कटौती ऐसे समय पर आई है जब महंगाई के बीच घरेलू खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बिजली बिल में हर महीने मिलने वाली यह राहत लाखों उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं को अपने मासिक बिजली बिल में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

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