MP: प्रदेश में महिलाओं को 33% आरक्षण, विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प ध्वनिमत से पारित

MP Nari Shakti Vandan Bill: मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ (Nari Shakti Vandan) पर करीब आठ घंटे तक चली चर्चा के बाद महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा शासकीय संकल्प ध्वनिमत से पारित हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर लंबे समय तक महिला अधिकारों को रोके रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया, जबकि प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) और सुरक्षा से जुड़े अपने विभिन्न प्रयासों को भी सदन में गिनाया।

MP Nari Shakti Vandan Bill: मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को महिलाओं के राजनीतिक आरक्षण को लेकर लंबी चर्चा के बाद ‘नारी शक्ति वंदन’ (Nari Shakti Vandan) संबंधी शासकीय संकल्प ध्वनिमत से पारित हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने लंबे समय तक महिलाओं के अधिकारों को रोके रखा और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए।

कांग्रेस पर सीएम का तीखा हमला

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिलाओं की आकांक्षाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में लिए गए कुछ संवैधानिक फैसलों के कारण महिलाओं को समय पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। सीएम ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में Nari Shakti Vandan Adhiniyam लाकर महिलाओं को उनका हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना परिसीमन (Delimitation) और संवैधानिक प्रक्रिया के महिला आरक्षण (Women Reservation) लागू करना संभव नहीं है।

कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए भी महिला आरक्षण लागू नहीं कर सकी और अब विपक्ष में रहकर राजनीति कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को “गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली” पार्टी बताते हुए कहा कि उसका रुख महिला आरक्षण को लेकर हमेशा से विरोधाभासी रहा है।डॉ. यादव ने कहा कि अगर समय पर सही फैसले लिए गए होते तो लोकसभा और विधानसभा दोनों में महिलाओं की संख्या काफी पहले बढ़ सकती थी।

मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रयास

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्यप्रदेश महिलाओं को आगे बढ़ाने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने सदन में बताया कि प्रदेश में स्थानीय निकायों (Local Bodies) में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि Ladli Lakshmi Yojana और Ladli Behna Yojana के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों (Self Help Groups) से 65 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जबकि 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा Drone Didi, Bank Sakhi और अन्य महिला रोजगार योजनाओं (Women Employment Schemes) के माध्यम से सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रही है।

महिला सुरक्षा पर सरकार का फोकस

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार की प्राथमिकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 57 वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centres) संचालित हो रहे हैं और 8 नए केंद्रों को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं और महिला सुरक्षा (Women Safety) के मुद्दे पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी

कांग्रेस पर पुराना आरोप

अंत में सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने 1996 में पहली बार आए महिला आरक्षण बिल को दशकों तक अटकाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बहनों के अधिकारों पर “डाका डाला” और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2023 में लाए गए मजबूत कदम के बावजूद अब भी भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

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