अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: ईरान ने 6 देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-द्रोन हमले किए, होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान

तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका की हालिया एयरस्ट्राइक के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने रविवार को जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को अगले आदेश तक बंद करने का भी ऐलान किया है।

इससे पहले अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई। इस हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और चालक दल का एक सदस्य लापता बताया गया।

ईरान ने किन ठिकानों को बनाया निशाना?

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • जॉर्डन का प्रिंस हसन एयरबेस
  • कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और रडार साइट
  • बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य संचार केंद्र
  • कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले

इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान

ईरान ने घोषणा की है कि अगली सूचना तक होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री आवाजाही प्रभावित रहेगी। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यदि यह लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

पिछले 24 घंटे के चार बड़े घटनाक्रम

नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का पहला बयान

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक बयान जारी करते हुए कहा कि अपने पिता अली खामेनेई और युद्ध में मारे गए लोगों के खून का बदला लिया जाएगा।

CNN का दावा: परमाणु ठिकानों का पुनर्निर्माण

CNN ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया कि ईरान पारचिन (Parchin) समेत कुछ परमाणु स्थलों की मरम्मत और पुनर्निर्माण शुरू कर चुका है। रिपोर्ट में इसे अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते के संभावित उल्लंघन के रूप में देखा गया है।

ईरानी विदेश मंत्री का आरोप

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि अमेरिका स्वयं दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते का भविष्य तभी सुरक्षित है जब दोनों पक्ष उसका पालन करें।

ट्रम्प की कड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान उनकी हत्या की किसी भी प्रकार की कोशिश करता है, तो अमेरिका हजारों मिसाइलों से जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि संभावित जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

क्षेत्र में बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रहती है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी इसके गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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