Air India और IndiGo का बड़ा फैसला, 1 जून से कम होंगी घरेलू उड़ानें, यात्रियों को बड़ा झटका

Air India IndiGo Flight Cuts June 2026: एविएशन टर्बाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel) की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण देश की दो प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने 1 जून 2026 से अगले 90 दिनों तक अपनी घरेलू उड़ानों में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है।

Air India IndiGo Flight Cuts June 2026: मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस संकट का सीधा असर भारत की हवाई सेवाओं पर पड़ रहा है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel) की बढ़ती कीमतों के कारण देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है।

यह कटौती 1 जून 2026 से शुरू होकर अगले 90 दिनों यानी तीन महीने तक चलेगी। दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय घरेलू एविएशन मार्केट (Domestic Aviation Market) के करीब 90 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करती हैं। ऐसे में उनकी इस निर्णय से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कितनी कम होंगी उड़ानें?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया अपनी डोमेस्टिक ऑपरेशंस (Domestic Operations) में सबसे ज्यादा कटौती करने जा रही है। कंपनी अपनी साप्ताहिक घरेलू उड़ानों में लगभग 15 प्रतिशत की कमी कर सकती है। फिलहाल एयर इंडिया हर हफ्ते करीब 3,800 फ्लाइट्स संचालित करती है। दूसरी ओर, देश की प्रमुख लो-कॉस्ट कैरियर इंडिगो (IndiGo) भी अपने ऑपरेशंस में 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती कर रही है। इंडिगो रोजाना औसतन 1,950 उड़ानें चलाती है। इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कम होने का असर यात्रियों की उपलब्धता पर साफ दिखेगा।

बढ़ते ATF दामों ने मजबूर किया

एयरलाइंस को यह कठिन फैसला लेने के पीछे मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी कीमतें हैं। अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tensions) और वैश्विक तेल आपूर्ति में आई कमी ने पूरा एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) प्रभावित किया है।

किन रूट्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

एयरलाइंस ने राहत की बात यह कही है कि किसी भी रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया जा रहा है, बल्कि फेरे (Frequencies) कम किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर देश के दो व्यस्ततम एयरपोर्ट्स दिल्ली और मुंबई पर पड़ेगा।

  • मुंबई एयरपोर्ट से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल जाने वाली उड़ानों की संख्या घटेगी।
  • दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता के लिए फ्लाइट्स कम होंगी।
  • दक्षिण भारत के शहरों से चलने वाली रिटर्न फ्लाइट्स (Return Flights) पर भी असर होगा, जिससे इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी (Inter-State Connectivity) प्रभावित हो सकती है।

यात्रियों को पहले ही दी गई सूचना

एयरलाइंस ने यात्रियों को आखिरी समय में परेशानी से बचाने के लिए पहले ही तैयारी कर ली है। 1 जून से 31 अगस्त के बीच जिन उड़ानों को रद्द या कम किया जाना है, उन्हें आधिकारिक वेबसाइट और ट्रैवल पोर्टल्स से हटा दिया गया है। इससे यात्री ऐसी फ्लाइट्स में बुकिंग नहीं कर पाएंगे जो आगे नहीं चलने वाली हैं। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में फ्यूल की कीमतें (Fuel Prices) नहीं घटीं तो एयरलाइंस टिकटों के दाम बढ़ाने का फैसला भी ले सकती हैं, जिसका बोझ सीधे आम यात्रियों पर पड़ेगा।

अभी क्या स्थिति है?

विशेषज्ञों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और मिडिल ईस्ट (Middle East) में घट रही घटनाओं पर टिकी हुई है। अगर संकट जल्द सुलझा तो उड़ानों में की गई कटौती को वापस लिया जा सकता है, अन्यथा गर्मियों की यात्रा सीजन में टिकट महंगे और उपलब्धता सीमित हो सकती है।

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