राज्यसभा चुनाव विवाद: मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने पर EC पहुंची कांग्रेस, 2 घंटे में फैसले का भरोसा

Meenakshi Natarajan News: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव (Madhya Pradesh Rajya Sabha Election) में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से मुलाकात कर नामांकन खारिज करने के फैसले को तत्काल रद्द करने की मांग की।

चुनाव आयोग से मिली कांग्रेस, जल्द फैसले की मांग

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन ऐसे आधार पर खारिज किया गया, जिसका कोई कानूनी औचित्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवार के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका खुलासा किया जाना आवश्यक हो।

सिंघवी ने कहा कि आयोग के पास अपनी गलती सुधारने का अधिकार है और नामांकन रद्द होने से उम्मीदवार को समान अवसर नहीं मिल पाता, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।

आयोग ने 2 घंटे में निर्णय का दिया आश्वासन

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद दो घंटे के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal), जयराम रमेश (Jairam Ramesh), रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala), सचिन पायलट (Sachin Pilot), भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel), विवेक तन्खा (Vivek Tankha) समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

नामांकन क्यों हुआ खारिज?

मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि उनके शपथ पत्र में अनियमितताएं पाई गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) का आरोप है कि नटराजन ने हैदराबाद कोर्ट (Hyderabad Court Case) में लंबित एक मामले की जानकारी अपने हलफनामे में नहीं दी थी। इसी आधार पर उनके नामांकन को अमान्य घोषित किया गया।

हालांकि कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक है और राज्यसभा सीट को प्रभावित करने के लिए की गई है।

कांग्रेस का आरोप- लोकतंत्र की हत्या

कांग्रेस नेताओं ने नामांकन खारिज होने को “लोकतंत्र की हत्या” और “सीट चोरी” करार दिया है। पार्टी का दावा है कि यह फैसला निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया (Free And Fair Election) के सिद्धांतों के खिलाफ है।

दिल्ली और भोपाल दोनों जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर धरना देकर फैसले को वापस लेने की मांग की।

भोपाल में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन

भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO Office Bhopal) के कार्यालय पहुंचे, लेकिन गेट बंद मिला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गणवेश कार्यालय के गेट पर टांगकर विरोध दर्ज कराया और वापस लौट गए।

राज्यसभा चुनाव पर असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Rajya Sabha Election Controversy, Meenakshi Natarajan Nomination Rejected और Madhya Pradesh Political Crisis जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में और गर्मा सकते हैं। अब सभी की नजर निर्वाचन आयोग के फैसले पर है, क्योंकि उसका असर राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर सीधा पड़ सकता है।

यदि आयोग कांग्रेस की अपील स्वीकार करता है तो चुनावी मुकाबला फिर दिलचस्प हो सकता है, जबकि अपील खारिज होने की स्थिति में यह मामला अदालत तक भी पहुंच सकता है।

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